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नेपाल में सुबह-सुबह कांपी धरती, 4.5 तीव्रता के भूंकप के झटके किए गए महसूस - Saty Savera

नेपाल में सुबह-सुबह कांपी धरती, 4.5 तीव्रता के भूंकप के झटके किए गए महसूस

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नेपाल के मकवानपुर जिले के चितलांग में 4.5 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए. नेपाल भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक भूकंप के झटके गुरुवार (23 नवंबर) की सुबह-सुबह महसूस किए गए.हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान की जानकारी नहीं है. आपको बता दें कि नेपाल में इसी महीने की शुरुआत में 3 नवंबर को 6.4 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे, जिससे नेपाल उबरने की कोशिश कर रहा है.

 

नेपाल में महसूस किए गए 6.4 तीव्रता के भूकंप के झटके में जान-माल का अच्छा नुकसान हुआ था. उस दौरान 157 लोगों की मौत हो गई थी और हजारों की संख्या में लोग घायल भी हो गए थे.

 

भारत ने भेजी राहत सामग्री की चौथी किश्त

आपको बता दें कि हिमालयन राष्ट्र नेपाल में हाल ही में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे, जिसकी वजह से वहां के लोगों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ता है. पिछली बार 3 नवंबर को नेपाल के जाजरकोट में महसूस किए गए भूकंप के झटके में लगभग 8000 घर बुरी तरह से बर्बाद हो गए थे. उस दौरान भारत ने भूकंप से प्रभावित लोगों के लिए एक आपातकालीन सहायता पैकेज भेजा था, जिसमें जिसमें मेडिकल उपकरण, राहत सामग्री और बहुत कुछ शामिल था.

 

भारत ने बीते सोमवार (20 नवंबर) को ही नेपाल को आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति की भूकंप राहत सहायता की चौथी किश्त भेजी है. इस पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि यह त्वरित प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पड़ोसी पहले नीति के अनुरूप है, जो संकट के समय में अपने पड़ोसी देशों का समर्थन करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. 3 नवंबर को जजरकोट और आसपास के इलाकों में आए भूकंप के बाद भारत ने अब तक नेपाल में प्रभावित परिवारों के लिए 34 टन से अधिक आपातकालीन राहत सामग्री भेजी है.

 

साल 2015 में भूकंप के झटके

नेपाल के इतिहास में अब तक के सबसे भयानक भूकंप के झटके साल 2015 में महसूस किए गए थे. उस दौरान 8 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी, तब भूकंप की तीव्रता 7.8 और 8.1 मापी गई थी. ये भूकंप के झटके 25 अप्रैल 2015 की सुबह स्थानीय समयानुसार 11 बजकर 56 पर महसूस किए गए थे. उस वक्त कई ऐतिहासिक मंदिर और इमारतें बुरी तरह से बर्बाद हो गए थे.

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