*नन्ही कलम न्यूज़*
सहारनपुर की मिट्टी से निकलकर आईपीएल की सबसे बड़ी नीलामी तक पहुंचने वाले प्रशांतवीर की सफलता के पीछे जिस व्यक्तित्व की सबसे मजबूत छाया है, वह हैं कोच *राजीव गोयल ‘टप्पू सर’*। बिना किसी सरकारी सहायता, सीमित संसाधनों और उधार के क्रिकेट मैदान पर रहकर उन्होंने जो सपना बोया, वही आज 14.20 करोड़ की ऐतिहासिक उपलब्धि बन गया।
अंडर-16 में चयन न होने से टूट चुके प्रशांतवीर को हौसला देना, उन्हें दोबारा खड़ा करना और दिन-रात मेहनत की राह दिखाना—यह टप्पू सर की कोचिंग नहीं, बल्कि गुरु परंपरा का जीवंत उदाहरण है। तकनीक, अनुशासन और आत्मविश्वास का ऐसा संगम उन्होंने रचा कि प्रशांत आज रवींद्र जडेजा के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखे जा रहे हैं।
देश और दुनिया के क्रिकेट फलक पर सहारनपुर का नाम रोशन करने वाले कोच राजीव गोयल सचमुच अद्भुत हैं—हमें आप पर गर्व है, टप्पू सर!