संवाददाता – नीरज पण्डित
आजमगढ़ फरिहा
आगामी बरसात में जलभराव के झंझट और संक्रामक बीमारियों के खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए फरिहा ग्राम पंचायत ने कमर कस ली है। मानसून की आहट के बीच ग्राम प्रधान अबूबकर खान खुद सड़कों पर उतरे और उनके नेतृत्व में एक बड़े स्तर पर ड्रेनेज व रोड-क्लीनिंग अभियान चलाया गया। सड़क के दोनों ओर राहगीरों के लिए मुसीबत बन चुकीं कंटीली झाड़ियों, बेतरतीब उगी घास और महीनों से जमा मलबे को हटाने के लिए जेसीबी मशीनों को काम पर लगाया गया। इस पूरी कवायद का असल मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पहली ही बारिश में गांव की सड़कें तालाब न बनें और पानी का निकास बिना किसी रुकावट के होता रहे। अक्सर बारिश के दिनों में झाड़-झंखाड़ की वजह से राहगीरों को रास्ता नहीं सूझता और हादसे हो जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए समय रहते यह कदम उठाया गया है।इस अभियान की खास बात यह रही कि ग्राम प्रधान अबूबकर खान ने इसे सिर्फ कर्मचारियों के भरोसे नहीं छोड़ा। वे खुद मौके पर डटे रहे और काम की मॉनिटरिंग की। उन्होंने मौके पर मौजूद सफाईकर्मियों को हिदायत दी कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।ग्राम पंचायत की इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय लोग बेहद खुश हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर हर साल इसी तरह मानसून से पहले नालों और सड़कों के किनारों को साफ कर दिया जाए तो गांव की आधी से ज्यादा समस्याएं खत्म हो जाएं। ग्रामप्रधान अबूबकर ने कहा
“फरिहा को एक आदर्श और स्वच्छ ग्राम पंचायत बनाना हमारा संकल्प है। यह अभियान सिर्फ एक दिन का नहीं है। बल्कि बरसात के दौरान और उसके बाद भी गांव की गलियों और सड़कों को साफ-सुथरा रखने के लिए हमारी टीम लगातार काम करती रहेगी।”