सावन के सोमवार को बाबा के अलग-अलग स्वरूपों में किया जा रहा विशेष श्रृंगार

6 / 100 SEO Score

श्रावण औघड़दानी का सबसे प्रिय महीना माना जाता है। श्रावण मास के सोमवार को बाबा के दर्शन का विशेष फल व पुण्य मिलता है। बीते तीनों सोमवार को देवाधिदेव महादेव बाबा विश्वनाथ के विभिन्न स्वरूप का दर्शन पाकर भक्तों को दिव्य अनुभूति हुई। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि शिव भक्त सावन के चौथे सोमवार को बाबा का विशेष स्वरूप में दर्शन पाएंगे। चौथे सोमवार को देवाधिदेव महादेव का सायंकालीन रुद्राक्ष श्रृंगार आरती किया जाएगा। महादेव में अटूट आस्था की कतार रात से ही सड़कों पर दिखने लगी।

श्रावण मास में हर सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष श्रृंगार और पूजन की परंपरा रही है, जो भक्तों के लिए अत्यंत पुण्य फलदायी और दुर्लभ अवसर होता है। श्रावण मास में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में पिछले तीन सोमवार को बाबा विश्वनाथ का अलग-अलग स्वरूप में श्रृंगार हो चुका है। पहले सोमवार को चल प्रतिमा स्वरूप, दूसरे सोमवार को गौरी शंकर (शंकर पार्वती ) स्वरूप, तीसरे सोमवार को अर्धनारीश्वर स्वरूप का श्रृंगार हो चुका है। श्रावण के पूर्णिमा 9 अगस्त को बाबा का पूर्णिमा वार्षिक झूला श्रृंगार होगा।

सावन के सोमवार को बाबा के अलग-अलग स्वरूपों में किया जा रहा विशेष श्रृंगार

सड़क से लगायत बाबा दरबार तक चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के जबरदस्त इंतज़ाम है। कांवड़ मार्ग पर पेट्रोलिंग हो रही है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अस्थाई पुलिस चौकी बनाई गई है। महिला कांवड़ियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा के लिए महिला पुलिस तैनात है। सुरक्षा के मद्देनज़र ड्रोन से निगरानी की जा रही है। महादेव के आंगन में भक्तों के लिए चिकित्सा, खोया पाया केंद्र, गुड़,पानी,ओआरएस की सुविधा एवं व्यवस्था है। मैदागिन और गोदौलिया से मंदिर तक नो व्हीकल जोन है। यहाँ से वृद्धों और दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क गोल्फ कार्ट की सुविधा है । कांवड़ मार्ग पर सुचारू रूप से शिविरों का संचालन हो रहा है।

Share

Leave a Reply

error: Content is protected !!