गाजा के पीड़ित बनकर मस्जिदों से चंदा जुटाने वाले 4 सीरियाई नागरिक गिरफ्तार, 2.64 लाख रुपये जब्त

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अहमदाबाद : गुजरात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली एयरपोर्ट से तीन सीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया है. ये लोग गाजा के नागरिक होने का नाटक करके भारत की मस्जिदों में जाकर चंदा मांगते थे. इस मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि ये लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे और इस धन का इस्तेमाल ऐशो-आराम की जिंदगी जीने में कर रहे थे. इनके पास से लगभग 3,000 अमेरिकी डॉलर (2,64,506 रुपये) और 3 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं.
अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि एक समूह अलग-अलग मस्जिदों में जाकर खुद को गाजा के पीड़ित नागरिक बताकर बड़ी मात्रा में धन उगाही कर रहा है. इस सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और सबसे पहले अली मेधात अल-अजहर नाम के एक सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया, जो इस समय अहमदाबाद के एक होटल में ठहरा हुआ था. पूछताछ में उसने बताया कि वह टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था, लेकिन झूठे तथ्य पेश करके धन जुटा रहा था. उसने यह भी खुलासा किया कि उसके जैसे अन्य लोग भी भारत में धन उगाही कर रहे हैं.
अली की गिरफ्तारी के बाद, उसके तीन साथी, जकारिया, अहमद और यूसुफ खालिद फरार हो गए. इसलिए, अपराध शाखा ने उनके पासपोर्ट नंबरों के आधार पर 23 अगस्त, 2025 को लुकआउट नोटिस (LOC) जारी किया.
पुलिस के मुताबिक, 3 सितंबर, 2025 को, ये तीनों आरोपी दिल्ली हवाई अड्डे से दुबई होते हुए दमिश्क जाने वाली उड़ान में सवार हो रहे थे, तभी LOC के आधार पर उन्हें पकड़ लिया गया. दिल्ली हवाई अड्डा प्राधिकरण द्वारा अहमदाबाद अपराध शाखा को सूचित करने के बाद एक टीम तुरंत दिल्ली के लिए रवाना हुई और आरोपियों को अहमदाबाद ले आई.
दिल्ली में भी मस्जिदों से चंदा इकट्ठा करने की कोशिश
पूछताछ के दौरान, पता चला कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी सीरिया के दमिश्क के निवासी हैं. जकारिया, यूसुफ और अहमद एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं. इन लोगों ने भारत आने के लिए 3 अगस्त, 2025 से 2 अक्टूबर, 2025 तक का पर्यटक वीजा प्राप्त किया था. वे अहमदाबाद के शाह आलम इलाके की एक मस्जिद में 10-12 दिन रुके और फिर ट्रेन से दिल्ली चले गए. दिल्ली में भी उन्होंने मस्जिदों से चंदा इकट्ठा करने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी मस्जिदों में लोगों को खुद को गाजा या फिलिस्तीन का बताकर उनसे कहते थे कि उनके माता-पिता बीमार हैं, या वे गरीबी में जी रहे हैं. इस तरह वे चंदा इकट्ठा करते थे. आरोपी अहमद पहले भी दो बार भारत आ चुका है और लखनऊ तथा दिल्ली की मस्जिदों से चंदा इकट्ठा कर चुका है.
पुलिस के मुताबिक, इन लोगों ने इकट्ठा किए गए चंदे को भारतीय मुद्रा से डॉलर में बदल लिया था. इन लोगों पर वीजा नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है और कानूनी कार्रवाई चल रही है. इनकी गतिविधियों को देखते हुए, इन्हें तुरंत हिरासत में लेकर निर्वासित करने और ब्लैक-लिस्ट करने की कार्रवाई भी की गई है. पुलिस अब आगे की जांच कर रही है कि इन पैसों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया था।

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