*अडानी कच्छ का दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क है.*
* *परियोजना का स्थल:* खावड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क.
* *स्थान:* खावड़ा, कच्छ, गुजरात.
* *क्षमता:* 30 गीगावाट सौर और पवन ऊर्जा.
* *क्षेत्रफल:* 538 वर्ग किलोमीटर, जो पेरिस के क्षेत्रफल से लगभग पांच गुना बड़ा है.
* *उद्देश्य:* 2030 तक भारत को नवीकरणीय ऊर्जा का वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाना.
* *स्थिति:* इस पार्क में सौर और पवन ऊर्जा के जरिए बिजली उत्पादन के साथ-साथ हरित हाइड्रोजन उत्पादन भी शामिल है.
*रिलायंस इंडस्ट्रीज ने गुजरात के कच्छ में दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-साइट सोलर प्रोजेक्ट लगाने का ऐलान किया है, जो सिंगापुर से तीन गुना बड़ा होगा.*
■ यह परियोजना भारत की 10 फीसदी बिजली जरूरतों को पूरा करने की क्षमता रखेगी.
■ कंपनी हरित हाइड्रोजन, हरित अमोनिया और सस्टेनेबल ईंधन के उत्पादन का लक्ष्य 2032 तक सालाना 30 लाख टन तक ले जाने की योजना बना रही है.
■ यह परियोजना अगले दशक में भारत की लगभग 10 फीसदी बिजली की जरूरतों को पूरा कर सकती है.
■ यह परियोजना जामनगर और कांडला में रिलायंस के मरीन एंड लैंड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ेगी, जिससे बड़े पैमाने पर सौर और हाइड्रोजन इंटीग्रेशन संभव होगा.
■ शुरुआत में कंपनी इन उत्पादों का इस्तेमाल खुद अपनी जरूरतों के लिए करेगी, लेकिन उसकी योजना साल 2032 तक हरित हाइड्रोजन की उत्पादन क्षमता बढ़ाकर हर साल 30 लाख टन करने की है.
■ रिलायंस की सौर ऊर्जा पैनल बनाने की फैक्ट्री अब चालू हो गई है. इस फैक्ट्री ने शुरुआत में 200 मेगावाट के उन्नत तकनीक (HJT) वाले सोलर मॉड्यूल बनाना शुरू कर दिया है. ये नए मॉड्यूल पुराने मॉड्यूल के मुकाबले 10 फीसदी ज्यादा बिजली बनाते हैं, गर्मी में 20 फीसदी बेहतर काम करते हैं और उनके खराब होने की संभावना 25 फीसदी कम होती है.
■ साथ ही, रिलायंस दो बड़े कारखाने (गीगा फैक्ट्री) भी बना रही है. एक बैटरी बनाने के लिए और दूसरा इलेक्ट्रोलाइजर बनाने के लिए. बैटरी फैक्ट्री साल 2026 में शुरू होगी और शुरू में हर साल 40 गीगावाट बैटरी बनाने की क्षमता होगी, जिसे बाद में बढ़ाकर 100 गीगावाट किया जा सकेगा. इलेक्ट्रोलाइजर फैक्ट्री भी 2026 के अंत तक शुरू हो जाएगी और उसकी क्षमता 3 गीगावाट प्रति वर्ष होगी.
*इनसे बहुत बड़े पैमाने पर और सस्ती दरों पर हरित हाइड्रोजन का उत्पादन संभव हो पाएगा. अंबानी ने कहा कि सौर ऊर्जा, बैटरी भंडारण और हाइड्रोजन उत्पादन को एक साथ जोड़ने से बड़े पैमाने के फायदे, कम लागत, बेहतर तकनीक और मजबूत सप्लाई चेन मिलेगी, जिससे दुनिया को ऊर्जा के क्षेत्र में बदलाव में तेजी आएगी और कंपनी को लंबे समय में अच्छा मुनाफा होगा.*