पीपीपी मॉडल से सब्जी बीज उत्पादन और उद्यमशीलता को नई दिशा- आइआइवीआर

6 / 100 SEO Score

आईआईवीआर, वाराणसी में राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी (नास) के वाराणसी चैप्टर द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण सब्जियों के बीजों की उपलब्धता बढ़ाने एवं उद्यमशीलता के लिए जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रान्तों के 40 से अधिक कंपनी प्रतिनिधियों, संस्थान के वैज्ञानिकों, शोधार्थियों सहित एक सौ से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि भारत में सब्जी उत्पादन में स्थिरता और उत्पादकता के लिए गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता अत्यंत जरूरी है। पीपीपी मॉडल के माध्यम से संस्थान और निजी कंपनियां मिलकर उच्च उत्पादकता एवं रोग प्रतिरोधी किस्मों पर अनुसंधान के माध्यम से किसानों तक उन्नत बीज पहुंचा रहे हैं जिससे सब्जी बीजों में आत्मनिर्भरता बढ़ रही है। कोषाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार दुबे ने अकादमी की प्रमुख गतिविधियों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. नागेन्द्र राय ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता बतायी। कार्यक्रम में आईआईवीआर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एस. के. सिंह, डॉ. अनंत बहादुर, डॉ. एन. सिंह, डॉ. नीरज सिंह, तथा नास के डॉ. जगेश कुमार तिवारी, डॉ. डी. पी. सिंह, डॉ. मोहम्मद शहीद, डॉ. राकेश कुमार दुबे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम सब्जी बीज क्षेत्र में नवीनतम पीपीपी मॉडल के द्वारा गुणवत्ता सुधार एवं किसानों के लिए बेहतर उद्यम अवसरों का सशक्त माध्यम साबित हो रहा है।

Share

Leave a Reply

error: Content is protected !!