सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने किया जिला कारागार का निरीक्षण, बंदियों को दी विधिक अधिकारों की जानकारी

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आजमगढ़

मा० उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ व मा० जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में नितिका राजन, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ द्वारा जिला कारागार, आजमगढ़ का निरीक्षण किया गया।

आज की तिथि में 1192 बन्दी निरूद्ध है, जिसमें 48 महिला बन्दी तथा 1072 पुरूष बन्दी, 72 अल्प वयस्क बन्दी निरूद्ध है। निरीक्षण के दौरान कारागार परिसर में साफ-सफाई का उचित प्रबन्ध पाया गया। जेल लीगल एड क्लीनिक में निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई व कुर्सी, मेज का उचित प्रबन्ध पाया गया। पंजिका में अद्यतन स्थिति दर्ज पायी गयी। निरीक्षण के समय कारागार में कार्यरत 04 जेल पराविधिक स्वयं सेवकों द्वारा बताया गया कि जिन बन्दी के पास अधिवक्ता नहीं है, उनका प्रार्थना पत्र लिखकर व जेल अधीक्षक द्वारा सत्यापित कराकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेषित किया जाता है।

जिला कारागार में स्थित बाल बैरक का निरीक्षण किया गया, निरीक्षण के दौरान बाल बैरक में बन्दी रोहित राजभर द्वारा बताया गया कि उनके मुकदमें की पैरवी हेतु अधिवक्ता नामित नहीं है, जिसके सम्बन्ध में जेल अधिकारीगण को उचित कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया। बाल बैरक में साफ-सफाई का उचित प्रबन्ध पाया गया। कारागार में स्थित महिला बैरक में सभी महिला बन्दियों से उनके मुकदमें की पैरवी हेतु अधिवक्ता के बारे में पूछ-ताछ की गयी, जिसमें पाया गया कि सभी बन्दियों के मुकदमें में अधिवक्ता नामित है। महिला बन्दियों से इस सम्बन्ध में पूछा गया कि क्या बच्चों को समय से दूध, फल तथा पौष्टिक आहार दिया जाता है? इस पर महिला बन्दी सुधा देवी द्वारा बताया गया कि बच्चों को दूध व पौष्टिक आहार ससमय मिलता है तथा फल सप्ताह में एक बार मिलता है, जिस पर जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि वे महिला बैरक में महिला बन्दियों के साथ रह रहे बच्चों के लिए फल इत्यादि समय से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

महिला बैरक में पाकशाला का निरीक्षण किया गया, जिसमें साफ-सफाई का उचित प्रबन्ध पाया गया। महिला बैरक में स्थित पाकशाला में निरीक्षण के दौरान रोटी, चावल, अरहर दाल, आलू कोहडा की सब्जी बनी हुई पायी गयी।

निरीक्षण के उपरान्त कारागार में विधिक जागरूकता कैम्प का भी आयोजन किया गया, जिसमें बन्दियों से उनके मुकदमें के पैरवी के बारे में पूछ-ताछ की गयी तो सभी के पास मुकदमें की पैरवी हेतु अधिवक्ता नामित है। सचिव द्वारा बन्दियों को बताया गया कि प्रत्येक माह जेल लोक अदालत का आयोजन किया जाता है, जिसमें जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर मुकदमों का निस्तारण किया जाता है, जो भी बन्दी जुर्म स्वीकार कर अपने मुकदमें का निस्तारण कराना चाहते है वे जेल में कार्यरत पराविधिक स्वयं सेवक के माध्यम से अपने मुकदमें का जेल लोक अदालत में निस्तारण हेतु चिन्हित करा सकते है।

इस मौके पर सत्यप्रकाश जेल अधीक्षक, विजय कुमार पाण्डेय जेलर, गौरव सिंह डिप्टी जेलर, अजय कुमार डिप्टी जेलर, विरेश्वर प्रताप सिंह डिप्टी जेलर, आशीष कुमार राय चीफ लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल, प्रवीण कुमार सिंह डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल, अतुल कुमार राय असिस्टेन्ट लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल, जेल के पराविधिक स्वयं सेवक उपस्थित रहे।

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