लखनऊ। प्रदेश में अब नए राशन कार्ड आसानी से बन सकेंगे। इसके लिए जिलास्तर के बजाय राज्यस्तर पर वरीयता सूची बनेगी। यानी, राज्यस्तर पर यूनिट का कोटा खाली होने पर किसी भी जिले में नाम जोड़े जा सकेंगे। अभी लागू व्यवस्था में यूनिट का कोटा जिलास्तर पर दिया जाता है।
इससे कई तरह की दिक्कतें पैदा हो रही थीं। कुछ जिलों में यूनिट का कोटा पूरा होने के कारण पात्र लोगों के नाम राशन कार्ड में नहीं जुड़ पा रहे थे, जबकि कुछ जिलों में यह कोटा खाली रह जाता था। अब फैसला किया गया है कि राज्यस्तर पर निर्धारित यूनिट का कोटा खाली होने पर किसी भी जिले में नाम जोड़ सकते हैं। जिलास्तर पर कोई कोटा नहीं दिया जाएगा।
यहां बता दें कि वर्तमान में प्रदेश में अधिकतम 15 करोड़ 23 लाख 14219 लोगों (यूनिट) को राशन की सुविधा दी जा सकती है। इसके तहत शहरी क्षेत्र में 64.43 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र में 79.53 प्रतिशत आबादी को कवर करना है।