भारतेंदु जयंती पर नागरीप्रचारिणी सभा की पुस्तक का लोकार्पण

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संस्कृति के मोर्चे पर स्वतंत्रता का युद्ध लड़ने वाले शहीद थे भारतेंदु

वाराणसी। ऋषि पंचमी के अवसर पर हिंदी नवजागरण के अग्रदूत और काशी की प्राचीन सभ्यता के अनन्य नागरिक भारतेंदु हरिश्चंद्र की 176वीं जयंती के अवसर पर ठठेरी बाज़ार स्थित उनके आँगन में भारतेंदु बाबू के दौहित्र और हिंदी के यशस्वी लेखक ब्रजरत्नदास द्वारा संपादित और नागरीप्रचारिणी सभा द्वारा प्रकाशित पुस्तक ख़ुसरो की हिंदी कविता का प्रकाशनोद्घाटन प्रदेश के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉक्टर दयाशंकर मिश्र दयालु और भारतेंदु बाबू के वंशज दीपेश चौधरी द्वारा किया गया. तदुपरांत एक विचार-गोष्ठी और कविता-पाठ का आयोजन किया गया.

कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत भारतेंदुजी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से हुई और इसके पश्चात धर्मेंद्र गुप्त ‘साहिल’ की दो ग़ज़ल-पुस्तकों ‘जिसे मैं कह नहीं पाया’ और ‘इन दिनों’ का भी विमोचन किया गया.

मुख्य वक्ता नागरीप्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल ने अपने संबोधन में कहा कि भारतेंदु बाबू व्यक्ति नहीं संस्था थे. पैंतीस बरस की छोटी सी अल्पावधि में उन्होंने जो कर दिया, उसके लिए हिंदी-समाज सदैव उनका कृतज्ञ रहेगा. भारतेंदु बाबू कई मोर्चों पर हिंदी के साहित्य और समाज को बना रहे थे. एक ओर कविता से गद्य की दुनिया दिखा रहे थे तो दूसरी तरफ बलिया के ददरी मेले में ‘भारतवर्ष की उन्नति कैसे हो सकती है’ जैसे विषय पर भाषण देकर स्वदेशी स्वाभिमान के लिए आमजन को प्रेरित कर रहे थे. दरअसल भारतेंदु बाबू शहीद थे; क्योंकि वह संस्कृति के मोर्चे पर स्वतंत्रता का युद्ध लड़ने वाले अपराजित योद्धा थे.

मुख्य अतिथि प्रदेश के आयुष मंत्री डॉक्टर दयाशंकर मिश्र दयालु ने सभा को संबोधित करते हुए कहा मेरे लिए इस कार्यक्रम में शिरकत करना गौरव की बात है. मैं भारतेंदु द्वारा स्थापित संस्था में अध्ययन-अध्यापन करते हुए लगातार तीस साल तक संबद्ध रहा. हम बनारस के लोग ज्ञान और कला के उस महान घर की ही संतान हैं.

इस अवसर पर सर्वश्री सुधीर त्रिपाठी ,गौरव राठी, संतोष सैनी, अरुण पांडेय, सौरभ राय के साथ ही- कवि सिद्धनाथ शर्मा, विजयचंद्र त्रिपाठी, रामानंद दीक्षित, दिनेशदत्त पाठक, विंध्याचल पांडेय, संतोष प्रीत, धर्मेंद्र गुप्त ‘साहिल’, हिंमांशु तिवारी और व्योमेश शुक्ल ने कविता पाठ कियाl इस अवसर पर

कार्यक्रम का संयोजन प्रतीक शर्मा और अतिथियों का स्वागत दीपेश चौधरी और मालिनी चौधरी ने किया.

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