प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में चल रही से सरकारी “स्वरोजगार योजनाओं” का लाभ पाने से लाभार्थी है वंचित

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*मुख्यमंत्री योगी की योजना हुई धराशाई जमीनी हकीकत कुछ और ही कर रही बया*

*”विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना” के लाभार्थियों को प्रशिक्षण लेने के साल भर बाद भी नहीं मिला प्रशिक्षण प्रमाण पत्र एवं ट्रेनिंग उपरांत मिलने वाले (टूलकिट) सामान*

*सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग उत्तर प्रदेश की योजना फेल नजर आती है*

_वाराणसी में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 10 दिवसीय कार्यशाला प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों को लगभग एक वर्ष बीतने को आया लेकिन अब तक उनको प्रशिक्षण सर्टिफिकेट और ना ही ट्रेनिंग उपरांत मिलने वाले (टूलकिट) सामानों का वितरण किया गया।_

*_एक ओर मुख्यमंत्री योगी वाराणसी में जनता दरबार लगाकर जनता के बीच सरकार की छवि को अच्छा दिखना चाह रहे है तो वहीं कुछ सरकारी विभाग और उनके आलाधिकारी उनके इन प्रयासों पर पानी फेरने का कोई कोर- कसर नहीं छोड़ना चाह रहे है।_*

_आपको बताते चले कि “विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना” उत्तर प्रदेश के तहत दिनांक 10/9/2024 से 20/9/ 2024 तक हलवाई ट्रेड और सिलाई -कढाई ट्रेड के लगभग सैकड़ों महिलाओं एवं पुरुषों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण पहाड़ियां स्थित होटल चित्रगुप्त प्रांगण में कराया गया था। हलवाई ट्रेड के ट्रेनर पंकज और ट्रेनिंग संस्था की हेड सुष्मिता श्रीवास्तव की निगरानी में ट्रेनिंग कार्य सम्पन्न कराया गया था।_

इस योजना के आयोजक upi con लखनऊ और सह आयोजक “जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र लहरतारा वाराणसी” रहे हैं। लाभार्थियों के फॉर्म भरने से लेकर इंटरव्यू तक का सारा काम जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र लहरतारा वाराणसी में हुआ था और कार्यालय में लिए गए इंटरव्यू के माध्यम से मेरिट लिस्ट में आए लाभार्थियों की ट्रेनिंग पहाड़ियां स्थित होटल चित्रगुप्त प्रांगण में कराई गई।

_ट्रेनिंग के खत्म होने के बाद लाभार्थियों द्वारा दिनांक 18/01/ 2025 को परीक्षा भी दिया गया है। ट्रेनिंग खत्म होने के बाद लाभर्थियो के अकाउंट में तो पैसे तो भेजे गए पर प्रशिक्षण सर्टिफिकेट एवं उन्हें मिलने वाले टूलकिट (सामानों) का वितरण न किए जाने से लाभार्थियों में मायूसी छाई हुई है।_

लाभार्थियों को आशंका है कि मिलने वाली सामानों की बड़े पैमाने पर घपलेबाजी की गई है। अब तक सर्टिफिकेट तक न दिए जाना समझ से परे है। हम सभी को सरकार की इस योजना का लाभ न मिल पाने के पीछे जिला प्रोत्साहन उद्योग केंद्र वाराणसी के अधिकारियों की लचर व्यवस्था मालूम पड़ती है। इन्हीं अधिकारियों के चलते प्रदेश में वर्तमान सरकार की छवि धूल मिल हो रही है।

_मजेदार बात तो यह है कि अभी पिछले साल के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और (टूलकिट) सामानों का वितरण नहीं किया गया और इस साल नए आवेदकों से ऑनलाइन फॉर्म भरवाना भी लगभग 2 माह से शुरू है।_

लाभार्थियों का कहना है कि ये *मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ड्रीम योजना रही है जिससे अनेकों बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार मिल सके।* मुख्यमंत्री को स्वयं इस मामले को संज्ञान में लेते हुए उचित कार्रवाई करते हुए प्रमाण पत्र और लाभार्थियों को वितरित होने वाले (टूलकिट) सामानों का वितरण जल्द से जल्द करवाना चाहिए।जिससे जनता के समक्ष प्रदेश सरकार की छवि धुलमिल होने से बच सके।

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