ब्यूरो- एजाज अहमद के साथ मु० सरफराज
बलिया।जनपद बलिया में जमीन की खरीद–फरोख्त के नाम पर फर्जी खतौनी तैयार कर 85 लाख 9 हजार रुपये की ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित प्रतिष्ठित व्यापारी संतोष कुमार अग्रवाल पुत्र रामगोपाल अग्रवाल, निवासी निराला नगर, गड़वार रोड, थाना कोतवाली, जिला बलिया ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक बलिया को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित के अनुसार उन्हें जमीन की आवश्यकता थी, जिसकी जानकारी उन्होंने अपने परिचितों को दे रखी थी। इसी क्रम में उनके पूर्व परिचित संजय राय पुत्र रामजी राय, निवासी हरनाटार दयालपुर, थाना सिकंदरपुर, जिला बलिया ने संपर्क कर बताया कि ग्राम देवकली के आराजी न० 12,13,145,20,238,202,205,270,3285,333,408,415,430,व पटखौली मु. समरथपाह के अराजी न० 165 व217 स्थित कुल 18 गाटा (8.5380 हेक्टेयर) भूमि का 1/4 हिस्सा (2.140 हेक्टेयर) उनकी माता मनवासी देवी पति रामजी राय एवं मौसी शकुंतला राय पति अवध राय के नाम दर्ज है, जिसे वे बेचना चाहती हैं।
आरोप है कि संजय राय पीड़ित को उक्त जमीन दिखाने के बाद अपने घर ले गया और अपनी माता व मौसी से मिलवाया। इसके पश्चात जमीन का सौदा 1 करोड़ 38 लाख 22 हजार रुपये में तय हुआ। भरोसा दिलाने के लिए आरोपियों ने जमीन की खतौनी, आधार कार्ड व फोटो उपलब्ध कराए।
पीड़ित ने विश्वास में आकर दिनांक 28 अप्रैल 2020 से 22 अप्रैल 2024 के बीच 66 लाख 50 हजार रुपये बेयरर चेक तथा 18 लाख 59 हजार रुपये नकद, कुल 85 लाख 9 हजार रुपये आरोपियों के कहने पर संजय राय पुत्र रामजी राय को सौंप दिए।
काफी समय बीत जाने के बाद जब पीड़ित ने जमीन की रजिस्ट्री कराने की बात की तो आरोपी टालमटोल करने लगे। संदेह होने पर जब पीड़ित ने खतौनी की जांच कराई तो वह कूट रचित (फर्जी) निकली। इसके बाद जब पीड़ित ने अपना पैसा वापस मांगा तो आरोपियों ने न केवल इनकार किया बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी।
पीड़ित का कहना है कि शुरू से ही आरोपियों की मंशा फर्जी दस्तावेजों के सहारे धोखाधड़ी कर धन हड़पने की थी। घटना की सूचना देने जब वह थाना कोतवाली पहुंचे तो वहां कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मामले में सीओ नगर को स्वयं जांच कर संज्ञेय अपराध पाए जाने पर मुकदमा दर्ज करने एवं आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अब पीड़ित व्यापारी को पुलिस कार्रवाई का इंतजार है।उपरोक्त धाराओं 316(3)318(4)338,336(3)
340(2)351(3) में मुकदमा पंजीकृत पुलिस द्वाराअभियुक्तों को तलाश जारी है