राम मंदिर में दान राशि गबन का लंबे समय से चल रहा था खेल,
वर्चस्व की लड़ाई में खुला बड़ा राज।
यानि ये सब एक Organised Crime का हिस्सा था और पाप का घड़ा वर्चस्व की लड़ाई यानि आसान भाषा में कहे तो गैंगवार में फूट गया!!
और इस सबके बावजूद अब तक एफआईआर नहीं!
ट्रस्टियों की गिरफ़्तारी नही!
संघ वाले “भाईसाहब” लोगों से पूछताछ नही!!
मतलब जाँच की दिशा और दशा भी आप ही तय करोगे?
राम पर क़ब्ज़े की इस जंग में और कितना पाप करोगे?