संग्रामपुर (अमेठी)। केंद्र व प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना संग्रामपुर क्षेत्र के ठेंगहा और शुकुलपुर गांवों में सवालों के घेरे में आ गई है। हर घर जल पहुंचाने के दावों के बावजूद गांवों में लगे नल आज भी सूखे पड़े हैं। पानी की आपूर्ति शुरू न होने से ग्रामीणों, खासकर महिलाओं में भारी आक्रोश है। नाराज महिलाओं ने नल चालू न होने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक वर्ष पूर्व पाइपलाइन बिछाकर घर-घर नल तो लगा दिए गए, लेकिन अब तक पानी नहीं पहुंचा। इससे साफ है कि योजना का लाभ केवल कागजों तक सीमित रह गया है, जबकि ग्रामीण आज भी पानी की मूलभूत जरूरत के लिए भटकने को मजबूर हैं।
ठेंगहा गांव की सुशीला गुप्ता ने आरोप लगाया कि गांव के पूर्वी हिस्से में बीते चार महीनों से पानी की सप्लाई दी जा रही है, जबकि पश्चिमी छोर के लोग आज भी पानी के इंतजार में हैं। वहीं कुसुम ने बताया कि दिन का अधिकांश समय पानी की व्यवस्था करने में निकल जाता है। घर के सामने नल होने के बावजूद पानी न मिलना सबसे बड़ी विडंबना है।
उधर, शुकुलपुर गांव के ग्रामीणों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि लगाए गए नलों की फिक्सिंग अब तक नहीं की गई है। नल ढीले और क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जिससे जलापूर्ति शुरू करना भी मुश्किल हो गया है।
इस मामले में अवर अभियंता सत्यम ने बताया कि ठेंगहा गांव में जलापूर्ति को लेकर आपसी विवाद था, जिसे ग्राम प्रधान द्वारा सुलझा लिया गया है और शीघ्र ही पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि शुकुलपुर में पाइपलाइन व नल लगाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इलेक्ट्रिक स्कीम का कार्य बजट के कारण रुका था, जो अब पूरा हो गया है और जल्द ही पानी की आपूर्ति शुरू की जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान मौके पर रविंद्र कुमार शुक्ला, फूलचंद्र, राजीव शुक्ला, वेद प्रकाश शुक्ला, मुहम्मद हुसैन, पुल्लर शर्मा, सुशीला गुप्ता, सीमा, अंजलि, सीता, कुसुम, संगममणि, बैजनाथ गुप्ता, अजीत कुमार, वकील सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।