साइबर ठगों ने 74 वर्षीय महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर मनी लॉन्ड्रिंग में परिवार के शामिल होने का झांसा दिया था और जांच के नाम पर पूरी जमा रकम ट्रांसफर करने का दबाव बना रहे थे।
घबराई महिला अपनी 12 एफडी लेकर विकास नगर स्थित पीएनबी मामा चौराहा शाखा पहुंचीं और एफडी तुड़वाकर रकम ट्रांसफर कराने लगीं। बड़ी राशि देखकर डिप्टी मैनेजर इंद्राणी ने कारण पूछा, लेकिन महिला डर के कारण कुछ बताने को तैयार नहीं हुईं। इस पर शाखा प्रबंधक सवर्ण राठौर को सूचना दी गई।
संदेह होने पर मैनेजर ने दिखाई समझदारी
महिला की हालत देखकर मैनेजर को शक हुआ। उन्होंने जानबूझकर खाता नंबर गलत बताकर महिला को बाहर भेजा और चपरासी को पीछे लगाकर फोन पर बातचीत पर नजर रखने को कहा। इसी दौरान सामने आया कि महिला साइबर ठगों से संपर्क में है।
इसके बाद बैंक अधिकारियों ने महिला की काउंसलिंग की, तब उसने बताया कि ठगों ने दिल्ली बम धमाके में परिवार के शामिल होने की बात कहकर डिजिटल अरेस्ट किया है। महिला का मोबाइल भी हैक कर रखा गया था।
पुलिस को सूचना, खाते फ्रीज
तुरंत पुलिस और बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। महिला को आईसीआईसीआई बैंक और सेंट्रल बैंक भेजकर सभी खातों को फ्रीज कराया गया, जिससे कोई रकम ट्रांसफर न हो सके।
बैंक की सतर्कता और समय पर कार्रवाई से 1.14 करोड़ रुपये की बड़ी साइबर ठगी होने से बच गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।