उसने अपनी कार में बिठा के गोविंद नाम के शख्स को सुनसान इलाके में ले जा के जिंदा जला दिया।अपना ब्रेसलेट वहीं छोड़ दिया।ताकी लोग समझें के ये लाश
गणेश की है। एकबारगी तो पुलिस भी धोखा खा गई । उसे शुरुआती जांच में लगा कि ये लाश गणेश की है।मगर कुछ ऐसे साक्ष्य मिले जिससे ये गुत्थी उलझ गई।पुलिस ने गणेश की आखरी काल चेक की तो उसकी गर्ल फ्रेंड की निकली । गर्लफ्रेंड का मोबाइल पुलिस ने कब्जे में लिया तो जांच में चीजें और स्पष्ट हो गईं। वो घटना के कई घण्टे बाद भी अपनी गर्लफ्रेंड से वॉट्सएप पर चैट कर रहा था । पुलिस ने गणेश चव्हाण को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया के गोविंद यादव नामक व्यक्ति को उसने कार में लिफ्ट दी। गोविंद जब सीट बेल्ट लगाकर सो रहा था, तब गणेश ने गाड़ी लॉक कर उसमें आग लगा दी।गोविंद उसी के सामने तड़प तड़प के मर गया। उसने बीमा की रकम हड़पने के लिये ऐसा किया।