लखनऊ, 1 जुलाई। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय ग्राम्य विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में देश में नई ‘वी-बी-जी-राम-जी’ योजना लागू की गई है। उन्होंने इसे ग्रामीण भारत के विकास, रोजगार सृजन और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को हर वित्तीय वर्ष 125 दिनों का गारंटीकृत रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। मजदूरी का भुगतान अधिकतम 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि समय पर रोजगार नहीं मिलता तो बेरोजगारी भत्ता तथा मजदूरी भुगतान में देरी होने पर श्रमिकों को निर्धारित दर से विलंब मुआवजा भी दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना के प्रभावी संचालन के लिए उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद का गठन किया जाएगा। परिषद की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे, जबकि ग्रामीण विकास मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। विभिन्न विभागों के मंत्रियों को परिषद का सदस्य बनाया जाएगा ताकि ग्रामीण विकास कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
श्री मौर्य ने कहा कि ग्राम पंचायतों को योजना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। पात्र परिवारों का पंजीकरण, रोजगार गारंटी कार्ड जारी करना, कार्यों की वार्षिक योजना तैयार करना तथा रोजगार उपलब्ध कराने जैसे कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से किए जाएंगे। योजना के तहत कम से कम 50 प्रतिशत कार्य ग्राम पंचायतों द्वारा कराए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक पात्र परिवार को आवेदन के 15 दिनों के भीतर रोजगार गारंटी कार्ड जारी किया जाएगा। कार्ड में परिवार के सदस्यों का विवरण, बैंक खाते की जानकारी, रोजगार, मजदूरी भुगतान और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज होगी। इसकी वैधता तीन वर्ष रहेगी।
उपमुख्यमंत्री के अनुसार योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति, जीपीएस आधारित निगरानी, ऑनलाइन एमआईएस, जियो-टैगिंग और डिजिटल मस्टर रोल जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विकास, कृषि और आजीविका से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि योजना में महिलाओं को विशेष महत्व दिया गया है। कुल लाभार्थियों में कम से कम एक-तिहाई महिलाएं होंगी। वहीं एकल महिलाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर और अन्य कमजोर वर्गों को विशेष रोजगार गारंटी कार्ड जारी कर रोजगार आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वी-बी-जी-राम-जी योजना ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे गांव आत्मनिर्भर बनेंगे, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इस दौरान श्री मौर्य ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में मनरेगा जैसी योजनाएं भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भेंट चढ़ गई थीं। उन्होंने दावा किया कि नई व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ गरीबों को योजनाओं का सीधा लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।