बीएचयू ट्रॉमा सेंटर विवाद: महिला प्रोफेसर के छेड़खानी आरोप झूठे, जांच में बड़ा खुलासा

8 / 100 SEO Score

*वाराणसी*
——–

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के ट्रॉमा सेंटर में छेड़खानी के सनसनीखेज आरोपों ने जब सुर्खियां बटोरीं, तो पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया। एक महिला प्रोफेसर ने ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी पर छेड़खानी और धमकी का गंभीर आरोप लगाया था, जिसने महिला सुरक्षा को लेकर तीखी बहस छेड़ दी। सोशल मीडिया पर लोग सरकार और प्रशासन को कठघरे में खड़ा करने लगे। लेकिन अब पुलिस जांच ने इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया है—आरोप पूरी तरह झूठे निकले।

क्या थी हकीकत?

वाराणसी पुलिस की गहन जांच में सामने आया कि महिला प्रोफेसर का आरोप न केवल निराधार था, बल्कि यह एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। दरअसल, महिला के पति के खिलाफ ट्रॉमा सेंटर के कर्मचारियों ने एससी/एसटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस के मुताबिक, इस केस से बचाव के लिए महिला ने प्रभारी डॉक्टर पर छेड़खानी का झूठा आरोप लगाया। जांच में न तो कोई साक्ष्य मिला और न ही आरोपों की पुष्टि हुई।

सोशल मीडिया की अफवाहों का सच

यह मामला एक बार फिर रेखांकित करता है कि बिना तथ्यों की जांच के सोशल मीडिया पर फैलाई गई बातें समाज में भ्रम और अविश्वास पैदा करती हैं। खासकर जब बात महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे की हो, तो जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालना घातक हो सकता है।

पुलिस की अपील, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

वाराणसी पुलिस ने लोगों से संयम बरतने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही, झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पुलिस का कहना है कि ऐसे कृत्य न केवल कानून की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि वास्तविक पीड़ितों के लिए न्याय की राह को भी कठिन बनाते हैं।

महिला सुरक्षा पर सवाल

यह घटना बताती है कि महिला सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है, लेकिन इसका दुरुपयोग न केवल सामाजिक विश्वास को कम करता है, बल्कि उन लोगों के लिए चुनौती खड़ी करता है जो वास्तव में न्याय की उम्मीद रखते हैं। समाज और प्रशासन को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि सच की जीत हो और झूठ की हार।

© तेलियाना से शीतला धाम तक पदयात्रा, नंदी तिराहा नामकरण की उठी मांग
वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र स्थित तेलियाना मोहल्ले से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सैकड़ों श्रद्धालुओं की टोली बड़ी शीतला धाम अदलपुरा के लिए पदयात्रा पर निकली। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भक्ति गीतों और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच पूरी रात चलकर सुबह धाम पहुंचे। यात्रा की शुरुआत गोलगड्डा तिराहे पर स्थित नंदी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। भक्तों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस तिराहे का नाम बदलकर “नंदी तिराहा” रखने की मांग की। यात्रा पीली कोठी, हंसतीर्थ, विशेश्वरगंज, मैदागिन, चौक, गोदौलिया, गिरजाघर व रथयात्रा होते हुए धाम पहुंची। पदयात्रा में मुख्य रूप से पार्षद जितेन्द्र कुशवाहा (भाजपा), कन्हैया गुप्ता, राजू अग्रहरि, विजय पांडेय, आशीष सेठ, वीरेंद्र कुशवाहा, पप्पू, खुशी, शालिनी, निशा, सुनीता, रागिनी, डिंपल और अनिता शामिल रहीं।

© बिजली विभाग की लापरवाही से सड़क के बीच खंभे, हादसे की आशंका
बड़ागांव क्षेत्र के कविरामपुर-बाबतपुर मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के बावजूद बिजली के खंभे बीच सड़क में ही खड़े हैं। पीडब्ल्यूडी ने इन्हें हटाने के लिए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को 66.88 लाख रुपए पहले ही दिए थे, लेकिन विभाग की लापरवाही से अब तक खंभे नहीं हटाए गए। मानवाधिकार सुरक्षा सेल के जिलाध्यक्ष विजय बहादुर सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र देकर खंभे हटवाने की मांग की है।

© बाइक ने हाईवे पर कांवरियों 
को मारी टक्कर, दो घायल

मिर्जामुराद वाराणसी। प्रयागराज से कांवड़ लेकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने जा रहे कांवरियों को रविवार सुबह मिर्जामुराद क्षेत्र के रखौना रिंग रोड स्थित हाईवे के उत्तरी लेन पर हादसे का सामना करना पड़ा।

डंगहरिया गांव निवासी पैदल चल रहे कांवरिया दिवाकर पटेल को मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के शिवदासपुर निवासी बाइक सवार कांवरिया विजय कुमार बिन्द ने पीछे से टक्कर मार दी। बाइक अनियंत्रित होकर हाईवे पर गिर गई, जिससे दोनों कांवरिए घायल हो गए।

स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची मिर्जामुराद पुलिस ने तत्काल दोनों को भिखारीपुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने बाइक को कब्जे में लेकर चौकी भेजा और परिजनों को सूचना दी।

Share

Leave a Reply