Notice: Function _load_textdomain_just_in_time was called incorrectly. Translation loading for the rank-math domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/satysave/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131

Notice: Function _load_textdomain_just_in_time was called incorrectly. Translation loading for the rank-math domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/satysave/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131
राजस्थान में जन्म दर घटी, शिशु मृत्यु दर में भी गिरावट, पढ़िए SRS के चौंकाने वाले आंकड़े - Saty Savera

राजस्थान में जन्म दर घटी, शिशु मृत्यु दर में भी गिरावट, पढ़िए SRS के चौंकाने वाले आंकड़े

8 / 100

जयपुर: भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) सांख्यिकी रिपोर्ट 2023 में देश और राज्यों के जन्म दर, मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर से जुड़े ताजा आंकड़े सामने आए हैं. यह रिपोर्ट देश के जनसंख्या ढांचे, प्रजनन और मृत्यु दर को समझने का एक प्रमुख आधार है. इस रिपोर्ट के अनुसार 2023 में भारत में 8,839 सैंपल यूनिट्स का सर्वे किया गया, जिसमें 88.10 लाख की आबादी को शामिल किया गया.
इनमें से ग्रामीण क्षेत्रों से 63.23 लाख और शहरी क्षेत्रों से 24.87 लाख की आबादी ली गई. वहीं, राजस्थान में कुल 350 सैंपल यूनिट्स शामिल किए गए, जिनमें 3.62 लाख की आबादी कवर हुई. इसमें ग्रामीण इलाकों से 2.97 लाख और शहरी इलाकों से 65 हजार लोग शामिल हुए. रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर किया गया सर्वे राजस्थान की तुलना में लगभग 25 गुना बड़ा था, लेकिन दोनों जगह ग्रामीण आबादी और सैंपल यूनिट्स का अनुपात अधिक रहा.
जन्म दर : 2022 में भारत की कुल जन्म दर 19.1 प्रति हजार जनसंख्या थी, जो ग्रामीण क्षेत्रों में 20.8 और शहरी क्षेत्रों में 15.5 रही. वहीं, राजस्थान में जन्म दर 23.8 प्रतिशत रही, जिसमें 24.9 प्रतिशत ग्रामीण और 20.8 प्रतिशत शहरी जन्म दर रही. आंकड़ों के अनुसार 2023 में भारत की जन्म दर घटकर 18.4 प्रतिशत हो गई, जिसमें ग्रामीण इलाकों में यह 20.3 प्रतिशत और शहरी में 14.9 प्रतिशत रही. राजस्थान की जन्म दर भी घटकर 22.9 प्रतिशत और जिसमें 23.9 प्रतिशत ग्रामीण और 20.1 प्रतिशत शहरी क्षेत्र में दर्ज की गई. इस रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार 25.8 प्रतिशत की जन्म दर के साथ देश में सबसे आगे है. इसके बाद उत्तर प्रदेश (23.6) और फिर राजस्थान (22.9) का स्थान है.
मृत्यु दर : रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2022 में कुल मृत्यु दर 6.8 प्रतिशत प्रति हजार जनसंख्या थी, जो ग्रामीण क्षेत्रों में 7.2 और शहरी क्षेत्रों में 6.0 रही. वहीं, 2023 में इसमें गिरावट आई और कुल मृत्यु दर 6.4 रही, ग्रामीण क्षेत्रों में 6.8 और शहरी क्षेत्रों में 5.7 प्रतिशत रही. राजस्थान की बात करें तो 2022 में मृत्यु दर 6.2 प्रतिशत रही (ग्रामीण 6.3, शहरी 5.9). 2023 में यह घटकर 5.9 कुल, 6.0 ग्रामीण और 5.6 शहरी हो गई. 2023 में छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक मृत्यु दर (8.3) दर्ज की गई, जबकि चंडीगढ़ में सबसे कम (4.0) रही. रिपोर्ट बताती है कि 1971 से 2023 तक देश में मृत्यु दर लगातार घटती गई है. 1971 में 14.9 से घटकर 2023 में 6.4 हो गई. यह गिरावट ग्रामीण इलाकों में अधिक तेज रही है. राजस्थान का मृत्यु दर स्तर राष्ट्रीय औसत से नीचे रहा है और खासकर शहरी क्षेत्रों में मृत्यु दर अपेक्षाकृत कम पाई गई.
शिशु मृत्यु दर : राजस्थान में 2022 में शिशु मृत्यु दर 30 प्रतिशत रही (ग्रामीण 31 और शहरी 24). 2023 में इसमें मामूली कमी आई और कुल दर 29, ग्रामीण 31 और शहरी 23 प्रतिशत रही. 2023 में सबसे अधिक शिशु मृत्यु दर छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में दर्ज की गई, जबकि मणिपुर में सबसे कम रही. आंकड़े दर्शाते हैं कि 2011-13 में भारत की शिशु मृत्यु दर 42.3 प्रतिशत थी, जो घटकर 2021-23 में 26.3 प्रतिशत हो गई.
राजस्थान में शिशु मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है और ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर शहरी की तुलना में काफी ज्यादा है. SRS रिपोर्ट 2023 साफ करती है कि राजस्थान में जन्म दर राष्ट्रीय स्तर से ऊपर है और राज्य तीसरे स्थान पर है. मृत्यु दर के मामले में राजस्थान बेहतर स्थिति में है, क्योंकि यहां राष्ट्रीय औसत से कम मौतें दर्ज हुई हैं, लेकिन शिशु मृत्यु दर अभी भी चिंता का विषय है, क्योंकि यह देश के औसत से अधिक है और खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।

Leave a Reply


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home2/satysave/public_html/wp-includes/functions.php on line 5481