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भूकंप के दौरान आदित्य नर्सिंग होम की दो नर्सें अपनी जान की परवाह किए बिना निऊ वार्ड में बच्चों की सुरक्षा करती नजर आईं।यह साहसिक नजारा सीसीटीवी में कैद हुआ और सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों ने नर्सों की बहादुरी की जमकर सराहना की।
अस्पताल प्रशासन ने भी उनकी सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कार और सम्मान देने की घोषणा की। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि संकट के समय मानवता और समर्पण की भावना अब भी जीवित है।भूकंप के दौरान आदित्य नर्सिंग होम की दो नर्सें NICU वार्ड में बच्चों की सुरक्षा करती दिखाई दीं। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि जैसे ही 5.9 रिएक्टर स्केल का झटका आया, अधिकांश लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन ये नर्सें पूरी तरह शांत और केंद्रित रहीं। उन्होंने मासूम बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए किसी भी खतरे की परवाह किए बिना अपना कर्तव्य निभाया।
उनका यह साहसिक और निस्वार्थपूर्ण व्यवहार सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जहां लोगों ने उन्हें न केवल बहादुर बल्कि प्रेरणादायक बताया। अस्पताल प्रशासन और आम जनता दोनों ने इस साहसिक कार्य की सराहना की और नर्सों को सम्मानित करने और पुरस्कार देने की घोषणा की। यह घटना यह साबित करती है कि संकट के समय भी मानवता और समर्पण की भावना जीवित रहती है।
भूकंप के दौरान आदित्य नर्सिंग होम की दो नर्सें NICU वार्ड में बच्चों की सुरक्षा करती दिखाई दीं। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि जैसे ही 5.9 रिएक्टर स्केल का झटका आया, अधिकांश लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन ये नर्सें पूरी तरह शांत और केंद्रित रहीं। उन्होंने मासूम बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए किसी भी खतरे की परवाह किए बिना अपना कर्तव्य निभाया।
उनका यह साहसिक और निस्वार्थपूर्ण व्यवहार सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जहां लोगों ने उन्हें न केवल बहादुर बल्कि प्रेरणादायक बताया। अस्पताल प्रशासन और आम जनता दोनों ने इस साहसिक कार्य की सराहना की और नर्सों को सम्मानित करने और पुरस्कार देने की घोषणा की। यह घटना यह साबित करती है कि संकट के समय भी मानवता और समर्पण की भावना जीवित रहती है।