संग्रामपुर थाना व स्वाट/सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई सफल — टीम को 10 हजार रुपये का इनाम
अमेठी। संग्रामपुर थाना क्षेत्र में कथित लूट की सूचना पुलिस जांच में झूठी साबित हुई। थाना संग्रामपुर पुलिस व स्वाट/सर्विलांस टीम ने घटना का खुलासा करते हुए जानकारी दी कि आवेदक जय प्रकाश सोनी पुत्र रामेश्वर प्रसाद सोनी निवासी बड़गांव द्वारा दिखाई गई लूट पूरी तरह मनगढ़ंत थी।
घटना के अनुसार, 19 नवंबर 2025 को जय प्रकाश ने तहरीर देकर बताया था कि 18 नवंबर की शाम करीब 5:30 बजे थरिया मोड़ के पास दो मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात लोगों ने उसकी मोटरसाइकिल की चाबी निकालकर डिग्गी तोड़ी, सिर पर वार किया और सोने-चांदी के गहनों से भरे थैले को लूटकर फरार हो गए। इस सूचना पर पुलिस ने मु0अ0सं0 228/25 धारा 309(6) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर त्वरित जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक अमेठी श्रीमती अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर व अपर पुलिस अधीक्षक श्री ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी अमेठी श्री मनोज कुमार मिश्र के नेतृत्व में संग्रामपुर थाना पुलिस व स्वाट/सर्विलांस टीम ने साक्ष्य जुटाए। मौके का निरीक्षण, स्थानीय लोगों से पूछताछ तथा सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के बाद संदेह गहराया तो पुलिस ने आवेदक जय प्रकाश और उसके पुत्र सौरभ से गहन पूछताछ की।
पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि लूट की कोई घटना हुई ही नहीं। आवेदक ने बताया कि उसकी पत्नी लंबे समय से बीमार है और ग्राहकों से लिया गया कर्ज भी उस पर दबाव बना रहा था। आर्थिक संकट से परेशान होकर उसने अपने पुत्र के साथ मिलकर झूठी लूट की कहानी गढ़ी। सिर पर चोट का निशान बनाने के लिए मोटरसाइकिल की चाबी से खरोच भी खुद ही की। उसके अनुसार लूट बताए गए सभी गहने और सामान उसके घर पर ही सुरक्षित मौजूद थे, जिसे पुलिस ने सत्यापित भी किया।
फर्जी लूट का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने आवेदक के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।