संग्रामपुर क्षेत्र के ग्रामसभा ठेंगहा में आयोजित होने वाली श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह की शुरुआत सोमवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। यह कलश यात्रा कथावाचक श्री शिव शंकर त्रिपाठी जी की अगुवाई में मुख्य यजमान जगदीश नारायण अग्रहरि के घर से गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। कलश यात्रा गांव की प्रमुख गलियों से होते हुए काली माँ स्थान, हनुमान मंदिर और रामघाट पर पहुंची, जहां जल ग्रहण कर यात्रा गौरी शंकर महादेवन होते हुए पुनः कथा पंडाल में सम्पन्न हुई। यात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने कलश धारण कर हिस्सा लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा।
कलश यात्रा हिंदू धर्म में पवित्रता, कल्याण और शुभ आरंभ का प्रतीक मानी जाती है। कलश में स्थापित जल, नारियल और पत्तियों को देवताओं का आह्वान माना जाता है, जिससे वातावरण शुद्ध और ऊर्जा से भर जाता है। धार्मिक मान्यता है कि कलश यात्रा में शामिल होने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और परिवार तथा समाज में सुख-शांति का वास होता है।
कथावाचक शिव शंकर त्रिपाठी जी महाराज ने बताया कि सोमवार, 01 दिसंबर से श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ होगा। कथा का आयोजन मुख्य यजमान जगदीश नारायण अग्रहरि के निज आवास पर किया जाएगा। कलश यात्रा में मुख्य यजमान परिवार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।