सत्य सवेरा संवाददाता आजमगढ़
आजमगढ़ के जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी महिला सभा, के बिहार सरकार के मुख्यमंत्री श्री नितीश कुमार द्वारा एक कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक मंच पर एक महिला के नकाब पर जबरदस्ती हाथ लगाया जाना अत्यंत निंदनीय एवं शर्मनाक कृत्य है। इससे भी अधिक दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि इस कुकृत्य के समर्थन में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री संजय निषाद एवं भारत सरकार के मंत्री श्री गिरिराज सिंह द्वारा महिला सम्मान के विरुद्ध बयान दिए गए, जो महिलाओं के प्रति उनकी दूषित और असंवेदनशील मानसिकता को उजागर करते हैं।
किसी भी महिला के घूंघट या नकाब पर हाथ लगाना सभ्य समाज की सोच नहीं हो सकती। यह महिला की निजता, सम्मान और आत्मसम्मान पर सीधा हमला है। ऐसे कृत्य की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है।
भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन करने तथा धार्मिक प्रतीकों को धारण करने की पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान करता है। किसी महिला को उसके धार्मिक विश्वासों के विरुद्ध मजबूर करना न केवल उसके मौलिक अधिकारों का हनन है, बल्कि उसकी गरिमा और आत्मविश्वास को भी गहरी ठेस पहुँचाता है।
भारतीय जनता पार्टी “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा देती है, लेकिन उनके ही शासनकाल में यदि महिलाएँ सुरक्षित नहीं हैं और महिला सम्मान के विरुद्ध इस प्रकार के कृत्यों व बयानों को संरक्षण दिया जा रहा है, तो यह नारा केवल दिखावा मात्र बनकर रह जाता है।