पैदाइशी वली बाबा हबीबुल्लाह शाह वारिस के दुनिया से पर्दा होने पर चालीसवा मे हिंदू मुस्लिम एकता का मिसाल

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रिपोर्ट-एजाज अहमद के साथ मु० सरफराज

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से है जहां गोरखपुर के रहने वाले हजरत बाबा हबीबुल्लाह शाह बाबा हुजूर की जब पैदाईस हुई तो एक नूर चमका दुनिया में आने से पहले उनके सीने पर हाजीएआलीवल्लाह लिखा हुआ था जो एक अल्लाह के वली का होता है। लाखों लोग मुरीद हुए बाबा अल्लाह के पैदाइशी वली है हजारो मुरीद बाबा के चालीसवा मे सैलाब की तरह उमडे उनके मुरीद। बाबा अपने जिंदगी में अपने लड़के कुर्बान वारिस को पीर का खिताब दिए।

नूरुल होदा उर्फ सलमान ने कहा की अल्लाह के वली कभी मरते नहीं है वह हमेशा जिंदा हैं अल्लाह अपने तरफ से उन्हें रिज़्क देता हैं। बाबा हमारे कल भी जिंदा थे आज भी जिंदा है और सुबहे कयामत तक जिंदा रहेंगे, बस वह बिनाई हमें नहीं है जिससे हम उन्हें देख सकें , वो हमें हमेशा देख रहे हैं और जब भी हम अपने बाबा को याद करेंगे उन्हें पुकारेंगे तो वह हमारी मदद जरूर करेंगे यह हमारा ईमान है। बाबा के द्दोटे पुत्र ने कहा की मेरे बाबा कहा करते थे की फकीर के पास कुछ भी नही है,और फकीर के पास सब कुछ है। आईये सुनते है बाबा हुजूर के बड़े लड़के एवं छोटे लड़के व हजरत गुलाम शाह वारीस के साथ नूरुल होदा उर्फ सलमान की जुबानी क्या कुछ कह २हे है

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