सड़क दुर्घटना के 26 साल पुराने मामले में ग्राम न्यायालय का फैसला, आरोपित को एक वर्ष का कारावास व जुर्माना
मऊ। मधुबन ग्राम न्यायालय के न्यायाधिकारी शुभम चौधरी ने मधुबन थाना क्षेत्र में मोटर दुर्घटना के दौरान एक व्यक्ति की हुई मृत्यु के 26 वर्ष पुराने मामले में विचारण के उपरांत अपना फैसला सुनाया।न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले में उपलब्ध साक्ष्य की गहन समीक्षा के उपरांत स्वामीनाथ को लापरवाही से वाहन चलाकर मृत्यु कारित करने के अपराध में एक वर्ष के साधारण कारावास व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं तेज गति तथा उतावलेपन व उपेक्षा से वाहन चलाकर साधारण चोट पहुंचाने के मामले में दो-दो माह तथा दुर्घटना में गंभीर चोट पहुंचाने में छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई।
जुर्माने की राशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा करने का निर्देश दिया और जुर्माना न जमा करने पर 15 दिन अतिरिक्त कारावास भुगतने का निर्णय सुनाया। यह मामला सात जुलाई 1997 की मधुबन बाजार स्थित थाना गेट के पास की है।
लापरवाही से बस चालक की दुर्घटना में मौत
उस दिन सुबह नौ बजे बस को उसका चालक घोसी थाना क्षेत्र के जामडीह निवासी स्वामीनाथ तेज व लापरवाही से चलाते हुए दुर्घटना कर दिया। इसमें लालवचन यादव को गंभीर चोट लगी। इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मामले की तहरीर रामचंद्र यादव द्वारा थाने में दर्ज कराई गई।
इस मामले में कुल सात गवाह अभियोजन की तरफ से परीक्षित कराए गए। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्ष की दलीलों व साक्ष्य की गहन समीक्षा के बाद फैसला सुनाया।