लखनऊः उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में हुए एनकाउंटर में खालिस्तान जिंदा फोर्स के तीन आतंकी मारे गए. लेकिन ये जिनके चेले थे, वो ब्रिटिश आर्मी का जवान निकला

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लखनऊः उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में हुए एनकाउंटर में खालिस्तान जिंदा फोर्स के तीन आतंकी मारे गए. लेकिन ये जिनके चेले थे, वो ब्रिटिश आर्मी का जवान निकला. इसका खुलासा पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने की है.गौरव यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में ब्रिटिशन सेना के सैनिक की पहचान जगजीत सिंह के रूप में की, जिसे फतेह सिंह ‘बागी’ के नाम से जाना जाता है.

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘पंजाब में पाकिस्तान के आईएसआई ऑपरेटिव के खिलाफ एक संयुक्त अभियान में, यूपी पुलिस और पंजाब पुलिस के बीच एक सहयोगात्मक प्रयास से पीएस पूरनपुर, पीलीभीत के अधिकार क्षेत्र में केजेडएफ के तीन गुर्गों के साथ मुठभेड़ हुई. दो एके-47 और दो ग्लॉक पिस्तौल बरामद किया गया है. तीनों की पहचान वरिंदर सिंह (उर्फ रवि), गुरविंदर सिंह, और जशनप्रीत सिंह (उर्फ प्रताप सिंह) के रूप में हुई है. तीनों पर कलानौर के बख्शीवाला पुलिस स्टेशन पर हमला करने का आरोप है.’

इसके अलावा उन्होंने बताया, ‘इस मॉड्यूल को KZF के प्रमुख रणजीत सिंह नीता द्वारा नियंत्रित किया जाता है, और अगवान गांव के निवासी ग्रीस स्थित जसविंदर सिंह मन्नू द्वारा संचालित किया जाता है. इसका नियंत्रण यूके में रहने वाले और ब्रिटिश सेना में कार्यरत जगजीत सिंह द्वारा किया जाता है. जगजीत सिंह ने फतेह सिंह बग्गी की पहचान का इस्तेमाल किया. हमारे अंतरराज्यीय ऑपरेशन में दिए गए उत्कृष्ट सहयोग के लिए मैं यूपी पुलिस को धन्यवाद देता हूं.’

इंडियन एक्सप्रेस को एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘हम इस बात से क्लियर हैं कि जगजीत सिंह एक समय में ब्रिटिश सेना में सेवारत था. लेकिन ब्रिटिश अधिकारियों से अभी यह पता लगाना बाकी है कि वह अभी भी सेवा में है या नहीं. आमतौर पर हमें इस तरह की पूछताछ पर विदेशी एजेंसियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है. क्योंकि वे किसी भी ऐसी नागरिक की संलिप्तता से इनकार करते हैं, जो सरकारी एजेंसी में काम कर रहा हो.’

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