*जुआ के जाल में फंसा बनारस से मुक्ति कैसे*

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*हजारों घर हो रहा बर्बाद,नौलिहाल का छूट रहा पसीना*

*कृष्णा पंडित की कलम से*

*हीरोइन से भी खतरनाक हो चुका है जुआ का नशा जिससे बढ़ रहा अपराध और चोरी की घटनाए*

वाराणसी में जुआ चरम पर है जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अधिकारियों के बीच बैठक के दौरान खुले तौर पर नियंत्रण के लिए डांट फटकार लगाकर चिन्हित लोगों पर मुकदमा कायम करने के लिए आदेश करते हैं वहीं इनके वर्दीधारी खुलेआम जुआ सहायक बने फिर फिर रहे हैं ! आपको सुनकर हैरानी होगी थाना सिगरा के सामने पार्क में खुले में जुआ होता है थाना प्रभारी को कुछ नहीं पता इसके पीछे सिर्फ एक ही जुगाड़ काम आता है मोटी रकम की वसूली ! थाना सिगरा क्षेत्र जुआ का सबसे बड़ा अड्डा वर्तमान के दिनों में बन चुका है कभी सोनिया कभी लल्लापुरा कभी नगर निगम से स्थानीय पत्रकारों द्वारा इस मामले में खबर प्रकाशित किया जाता है लेकिन कमिश्नर साहब आप तक खबर पहुंचती है या नहीं पहुंचती है या फिर पहुंचने नहीं दिया जाता है यह राम भरोसे ! विश्वसनीय सूत्र बताते हैं की थानेदार के खासम खास लोग ही जुआ संचालकों से गहरा संबंध रखते हैं ! जिसकी ट्यूनिंग चौकी इंचार्ज बखूबी निभाते हैं यदि उनकी पर्सनल मोब no का जांच करा लिया जाए तो तत्काल इनको नौकरी से बर्खास्त करने तक का सबूत मिल सकता है यही नहीं यदि पुलिस चौकी और थानों पर सीसीटीवी फुटेज खंगाल लिया जाए तो पता चलेगा दिनभर जुआरियों /दलालों का आना-जाना लगा रहता है कुछ तो खुद को बड़े समाजसेवी भी बताते हैं और चौकी थानों पर धरना दिए रहते हैं इसमें कुछ अधिवक्ता भी शामिल हैं ! क्योंकि आज जुआ खेलने वाले लोगों के घरों की स्थिति बहुत ही दयनीय हो चुकी है और उनको इतना आदि बना दिया गया है की कर्ज लेकर जुआ खेल रहे हैं ! लल्लापुरा में आधा दर्जन काउंट सोनिया पुलिस चौकी क्षेत्र में चार काउंटर बिना किसी भय रक्षक की निगरानी में चल रहा है ! रमाकांत नगर कॉलोनी में बादाम बेच रहा एक आम आदमी जो जुआरी के रूप में अपनी पहचान बनाते हुए करोड़पति बन गया सूत्र बताते हैं कि मदनपुर का एक व्यक्ति 80 लाख रुपया हार गया और अपना मकान बेच दिया ! एडीसीपी व बड़े अधिकारी के नाम पर थाना ,चौकी वाले खूब तिजोरी भर रहे हैं लेकिन कमिश्नर ने इस मामले में कभी भौंचक निरीक्षण व ठोस कार्रवाई कभी नहीं किया ! थाना सिगरा के पूर्व इंस्पेक्टर द्वारा सामने संचालित हो रहा है जुआ पार्क में जाकर खुद पड़ा था कुछ दिन तक बंद रहा फिर संचालन शुरू हो गया ! जुआ खेलने वाले लोगों के घर में प्रतिदिन मारपीट तनाव के साथ उलझनें बढ़ रही हैं ! इन घरों की महिलाओं ने अपना नाम ना बताने को लेकर स्पष्ट रूप से कहा कि जल्द ही हम लोग इस मामले को लेकर योगी जी तक आवाज उठाएंगे ! और तो और अपराध की चोरी से लेकर छुटपुट घटनाओं की संलिप्तता भी बढी है जिसकी वजह यह भी हो सकता ! आलम यह है कि₹10000/20000.. की चोरी की घटनाओं का तो अब थानों पर मुकदमा भी नहीं लिखा जाता है छानबीन के नाम पर पीड़ित को दौड़ाकर घर वापस कर दिया जाता है ! समाज में दुर्गंध फैलाने वाले संचालक और उनके सहयोगी वर्दी धारी और कुछ तथाकथित सोशल सोशल मीडिया के इनफ्लुएंसर या क्रिएटर कह लीजिए इन दिनों वह भी अपना धौंस जमाते हुए वसूली के ठेकेदार बने हुए हैं ! जब कभी इस तरह की खबरें संचालित होती है तो उनके पक्ष में कुछ लोग अपनी धनउगाही सुरक्षित रखने के लिए सोशल मीडिया पर आकर समर्थन करते हैं !

सूत्रों के मुताबिक कई लाख रुपया महीने की वसूली एक थाना क्षेत्र में वर्दी धारियों द्वारा किया जा रहा है जिसके सहायक कई हैं जुआ से हो रहा आमदनी एक तरह से एकजाई में इजाफा है ! यदि संचालक और जिम्मेदार लोगों पर गंभीर रूप से जांच कर ठोस मुकदमा किया जाए तो निश्चित रूप से कई परिवार टूटने बिखरने से बच सकता है !

…जो संचालन में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं जिनकी आय का प्रतिदिन लाख ₹50000 हैं इसकी भी जांच सुनिश्चित किया जाए जिससे कि एक बड़ा आर्थिक अपराध करने वाला जानवर इंसान बन सके !!

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