आजमगढ़ से संवाददाता अब्दुर्रहीम शेख़।
शिब्ली नेशनल कॉलेज के उर्दू विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. मोहम्मद ताहिर को उनकी शोधपूर्ण पुस्तक “सहाबियात और नेसाई तहरीकात” के लिए पश्चिम बंगाल उर्दू एकेडमी द्वारा प्रतिष्ठित “खलील अब्बास सिद्दकी एवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार उन्हें विज्ञान, तकनीकी और सामाजिक मुद्दों में उनके अद्वितीय योगदान के लिए दिया जाएगा। इस सम्मान के साथ प्रो. मोहम्मद ताहिर को ₹15,000 की प्रोत्साहन राशि, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
यह सम्मान शिब्ली नेशनल कॉलेज में प्रो. मोहम्मद ताहिर की साहित्यिक और सामाजिक उपलब्धियों की व्यापक सराहना का प्रतीक बन गया है। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अफसर अली, शिक्षक संघ के अध्यक्ष एवं अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. मोहम्मद खालिद, शिक्षक संघ की सचिव प्रो. फहमीदा जैदी, राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शफीउज्जमां, बी.एड. विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अफजाल अहमद, प्रो. सरफराज नवाज, महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. सआदुज्जफर अली, प्रो. मोहियुद्दीन आजाद इस्लाही, प्रो. बाबर अशफ़ाक खां, डॉ. जर्रार अहमद, डॉ. जुबैर नोमानी, डॉ. मोहम्मद जाहिद, डॉ. मोहम्मद अकील, डॉ. अबू राफ़े सहित अन्य शिक्षकों ने प्रो.मोहम्मद ताहिर को बधाई दी और उनके इस सम्मानित कार्य की सराहना की।
प्रो.मोहम्मद ताहिर वर्तमान में शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष भी हैं। उन्होंने अब तक 35 पुस्तकें, पाठ्यपुस्तकें और संदर्भ पुस्तकें लिखी हैं, जो उत्तर प्रदेश सहित संपूर्ण भारत और दुनिया भर के उर्दू छात्रों और शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। इसके अतिरिक्त, उन्हें उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी, लखनऊ द्वारा 2015 और 2017 में भी सम्मानित किया जा चुका है।
यह पुरस्कार शिब्ली नेशनल कॉलेज के लिए गर्व का विषय बन गया है और महाविद्यालय की शैक्षिक उत्कृष्टता एवं समर्पण को प्रदर्शित करता है। इससे महाविद्यालय के शैक्षिक वातावरण में नई दिशा मिलेगी और विद्यार्थियों तथा शिक्षकों को प्रेरणा भी मिलेगी। इस सम्मान की घोषणा के उपरांत प्रो. मोहम्मद ताहिर ने पश्चिम बंगाल उर्दू एकेडमी और पश्चिम बंगाल सरकार का आभार ज्ञापित किया।