सरकारी राशन का लाभ लेने वाले अपात्रों के नाम राशनकार्ड की सूची से बाहर किए जाएंगें। राशन कार्ड के सत्यापन के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर कमेटियां बनाई गई हैं, जो 31 दिसंबर तक सभी राशनकार्डों की जांच कर अपात्रों को चिह्नित करेंगी।
जिले में एक बार फिर से 2160 कोटे से जुड़े सात लाख 71 हजार 881 राशन कार्डधारकों का सत्यापन होगा। सत्यापन के बाद पात्रों को योजना का लाभ दिलाने व अपात्रों का नाम सूची से बाहर किया जाएगा। शासन के निर्देश पर एक नवंबर से सत्यापन प्रक्रिया शुरु हो गई है। कारण कि आएदिन शिकायतें मिलती हैं कि कुछ अपात्र लोग, मृतक व विस्थापित भी राशनकार्ड बनवाकर कोटे से खाद्यान्न ले रहे हैं। ऐसे में पात्र लोलोगों का राशनकार्ड नहीं बन पा रहा जिससे परेशानी हो रही है। ग्राम पंचायत स्तर पर विकास खंड अधिकारी सभी सचिव व लेखपालों के माध्यम से सत्यापन का काम शुरु कर दिया है। वहीं शहरी क्षेत्रों में नगर पंचायत व नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी जांच कर रहे हैं। 31 दिसंबर तक सत्यापन पूर्ण कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
कार्ड धारकों के लिए शासन की गाइड लाइन
आयकर दाता, घर के किसी सदस्य के स्वामित्व में चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, हारवेस्टर या एसी, पांच केवी या उसके अधिक क्षमता का जनरेटर, ग्रामीण क्षेत्रों में पांच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि और नगरीय क्षेत्रों में 100 वर्ग मीटर से अधिक का स्वअर्जित आवासीय प्लाट या स्वनिर्मित मकान या फिर 100 मीटर से अधिक कार्पेट एरिया का आवासीय फ्लैट होने पर, 80 वर्ग मीटर या उससे अधिक कार्पेट एरिया का व्यावसायिक स्थान होने पर, ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सदस्य की आय दो लाख प्रति वर्ष के अधिक होने पर और नगरीय क्षेत्रों में ऐसे परिवार जिनकी आय तीन लाख प्रति वर्ष के अधिक हो, ऐसे परिवार जिसके सदस्यों के पास शस्त्र लाइसेंस होने पर परिवार को अपात्र घोषित किया गया है।