वाराणसी। श्रावण मास के प्रथम सोमवार को लेकर बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी पूरी तरह से शिवमय हो गई है। लाखों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भीड़ बाबा के दर्शन को काशी पहुंचेगी। ऐसे में प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह से सतर्क हो चुका है। इसी क्रम में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शनिवार को गिरजाघर से गोदौलिया, दशाश्वमेध घाट, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और मैदागिन क्षेत्र तक पैदल गश्त कर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान मातहतों को जरूरी निर्देश दिए।
पुलिस आयुक्त ने मार्ग में कांवड़ियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं को लेकर फीडबैक लिया। कांवड़ियों ने प्रशासन की तैयारियों की सराहना की और खुद को सुरक्षित एवं व्यवस्थित महसूस किया। पुलिस आयुक्त ने कांवड़ मार्ग पर बनाई गई पुलिस चौकियों का भी निरीक्षण किया, जहां रुकने, विश्राम करने और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा दी गई है।
प्रमुख तैयारियां और व्यवस्थाएं:
• डेडिकेटेड कांवर मार्ग: कांवड़ियों के लिए विशेष नो-व्हीकल ज़ोन निर्धारित किया गया है, जहां आम वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
• तकनीकी निगरानी: संवेदनशील स्थानों पर AI-सक्षम कैमरे, ANPR कैमरे तथा ड्रोन से निगरानी की जा रही है। प्रत्येक टुकड़ी पर बाइक सवार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
• सुरक्षा बल की तैनाती: 10 से अधिक पुलिस चौकियों की स्थापना, QRT (क्विक रिस्पॉन्स टीम) की तैनाती और सभी घाटों पर प्रशिक्षित गोताखोर तथा जल पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है।
• भीड़ प्रबंधन: ट्रैफिक एडवाइजरी स्कीम जारी की गई है। सभी घाटों पर बैरिकेडिंग, रोशनी और होल्डिंग एरिया तैयार किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
• सामाजिक समन्वय: पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कांवरियों से “सर” और “मैडम” कहकर संवाद करें तथा उनके साथ सौम्य व्यवहार बनाए रखें। साथ ही धार्मिक गुरुओं एवं सामाजिक प्रतिनिधियों से समन्वय कर जनजागरूकता बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
नले
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त सुरक्षा अनिल कुमार यादव, डीसीपी गौरव बंसवाल, अपर पुलिस उपायुक्त काशी सरवणन टी, एडीसीपी अंशुमान मिश्रा समेत उपायुक्त अंशुल अग्रवाल समेत पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।