निजीकरण और उत्पीड़न के विरोध में चल रहे आंदोलन को तेज करने हेतु 27 जुलाई को संघर्ष समिति की बैठक: निजीकरण के विरोध में जनपदों और परियोजनाओं पर प्रदर्शन जारी

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पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में एवं निजीकरण हेतु प्रबन्धन द्वारा की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश की 27 जुलाई को लखनऊ में हो रही कोर कमेटी की बैठक में विचार विमर्श कर आन्दोलन को तेज करने का निर्णय लिया जाएगा । आज लगातार 241 वें दिन बिजली कर्मियों ने प्रदेश भर में समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय पदाधिकारियों ने आज यहां बताया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का अब तक निजीकरण न कर पाने से खीझे हुए पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने बिजली कर्मचारियों का बड़े पैमाने पर उत्पीड़न करना प्रारंभ कर दिया है । संघर्ष समिति ने कहा कि झूठे आंकड़े देकर और उत्पीड़न कर के भय का वातावरण बना कर पावर कॉरपोरेशन निजीकरण करना चाहता है जिसे बिजली कर्मी कदापि स्वीकार नहीं करेंगे।
संघर्ष समिति ने बताया कि बिजली कर्मियों का उत्पीड़न की दृष्टि से हजारों की तादाद में बड़े पैमाने पर स्थानांतरण किया गया और बिजली कर्मियों को जिनमें महिला कर्मी भी सम्मिलित थी बिना प्रतिस्थानी के तत्काल कार्य मुक्त कर दिया गया। इनमें से अधिकांश बिजली
कर्मी किसी स्थानांतरण नीति के अंतर्गत नहीं आते थे किंतु उनका उत्पीड़न करने के लिए उन्हें ट्रांसफर किया गया है।
फेशियल अटेंडेंस के नाम पर 7000 से अधिक बिजली कर्मियों का जून माह का वेतन रोक लिया गया है। जुलाई माह समाप्त होने जा रहा है किंतु बिजली कर्मियों को अभी तक जून माह का वेतन नहीं दिया गया है। प्रबंधन द्वारा बिजली कर्मियों से कहा जा रहा है कि वे फेशियल अटेंडेंस लगाएं अन्यथा उन्हें वेतन नहीं दिया जाएगा। बिजली कर्मियों को मिल रही रियायती बिजली की सुविधा इलेक्ट्रिसिटी रिफॉर्म एक्ट 1999 ट्रांसफर स्कीम 2000 और इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के अंतर्गत संरक्षित है। इसके बावजूद बिजली कर्मियों के घरों पर रियायती बिजली की सुविधा समाप्त करने की दृष्टि से जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। बहुत बुजुर्ग सेवानिवृत्त बिजली कर्मियों और उनके परिवारों को स्मार्ट मीटर लगाने के लिए परेशान किया जा रहा है। कर्मचारियों को धमकी दी जा रही है कि वे स्मार्ट मीटर लगवाए अन्यथा की स्थिति में उन्हें दूरस्थ स्थानों पर ट्रांसफर कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि ट्रांसफर सीजन समाप्त हो चुका है। स्मार्ट मीटर न लगवाने पर बिजली कर्मियों को वेतन रोकने और बिजली का कनेक्शन काटने की धमकी दी जा रही है।
निजीकरण न स्वीकार करने वाले संघर्ष समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों पर स्टेट विजिलेंस की फर्जी जांच करा कर एफ आई आर कराई जा रही है।
संघर्ष समिति ने कहा कि इन सभी कार्यवाहियों के विरोध में संघर्ष तेज करने का निर्णय लेने हेतु रविवार को कोर कमेटी की बैठक होगी।
निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के 241 वें दिन आज बिजली कर्मियों ने समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम जारी रखा। रविवार को अवकाश के दिन बिजली कर्मी आवासीय कॉलोनी में जाकर व्यापक जनसंपर्क अभियानच लाएंगे।

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