*तीर्थयात्रियों के लिए बना भवन बना कमाई का जरिया*

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*पर्यटन विभाग की मनमानी से कावरिया तीर्थ यात्री दर दर भटकने को मजबूर,*

*रामेश्वर धर्मशाला में केयरटेकर और पर्यटन विभाग की मिलीभगत से पंचक्रोशी यात्रियों को हो रही है भारी परेशानी ,पर्यटन विभाग मौन।*

*पर्यटन विभाग और केयरटेकर की मनमानी की लिखित शिकायत आज वाराणसी कमिश्नर से करने की है तैयारी।*

उत्तर प्रदेश सरकार कावरिया तीर्थ यात्रियों पर भले ही हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा करके परम्परा और संस्कृति को संरक्षित करने का प्रयास कर यही है, लेकिन सरकार के अधिकारी ही सरकार के पवित्र मंसूबे पर ही पानी फेर रहे हैं।

कांवरियों और पंचक्रोशी यात्रियों के ठहरने के लिए रामेश्वर में बना है सरकारी विश्रामालय जो पहले निःशुल्क दिया जाता था लेकिन अब केयरटेकर सुनील शर्मा उसे कमाई का जरिया बनाते हुए तीर्थयात्रियों से 15000 रुपये वसूल रहा है । मनमानी की हद तब हो गयी जब उसने तीर्थ यात्रियों को वहां पर खाना बनाने से मना कर दिया। जबकि कावरिया तीर्थ यात्री खुद के हाथ का बना खाना ही खाते हैं। पर्यटन विभाग के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी से जब इस बाबत लिखित शिकायत की गई तो उन्होंने बात करने का बहाना बनाकर मामले को टाल दिए। पर्यटन अधिकारी दिनेश जी से बार बार फोन करने पर तरह तरह के बहाने बनाकर उसे टालते रहे। पर्यटन अधिकारी के टाल मटोल से दोनों के मिली भगत का संकेत प्रतीत होता है।

तीर्थयात्रियों के लिए बने रामेश्वर धर्मशाला भवन तीर्थ यात्रियों को न देकर उसमें शादी विवाह की बुकिंग आ बाकायदा बोर्ड भी लगा दिया गया है।, तीर्थयात्रियों से 15000 रुपये की मांग की जा रही है । ताज्जुब यह है कि लाख शिकायत करने के बाद भी पर्यटन विभाग बना मौन साधे हुए है। पर्यटन विभाग की चुप्पी उनके भी कमाई के इस खेल में शामिल होने का संकेत दे रहा है ।
खास बात यह है कि योगी सरकार के अधिकारी ही
मुख्यमंत्री के मंसूबो पर पानी फेर रहे हैं ।

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