आजमगढ़ किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जय किसान आन्दोलन के प्रदेश अध्यक्ष राजनैत यादव के नेतृत्व में जय किसान आन्दोलन के कार्यकर्ताओं द्वारा जिलाधिकारी आजमगढ़ से वार्ता करके जिलाधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा गया प्रदेश अध्यक्ष राजनेत यादव ने कहा कि आजमगढ़ जिला सहित पूर्वांचल में नहरों का जाल है सभी नहरें शारदा नदी व घाघरा नदी के सहयोग से चलती है इसलिए इसे शारदा सहायक नहर कहा जाता है कितनी शर्म की बात है कि आज 1 अगस्त तक किसी भी नहरों में हेड से टेल तक पानी नहीं आया है ज्यादातर नहरों जैसे सोफीपुर नहर, मन्दुरी एयरपोर्ट वाली नहर आदि में तो 6 महीने से अभी तक पानी छोड़ा ही नहीं गया नहरें पूरी तरह से अभी तक सूखी है पांच वर्षों से लगातार नहरों में पानी न देकर दोनो नदियों का पानी घाघरा नदी में छोडने से घाघरा नदी में बाढ़ आ जाती है जिससे बाढ़ व कटान होने से आजमगढ़, मऊ बलिया के कई गांव व उपजाऊ जमीनें नदी में विलीन हो गये एक तरफ सूखा दूसरी तरफ बाढ़ इसके लिए पूरी तरह से सिंचाई मंत्री, नहर विभाग के जेई एसडीओ व मुख्य अभियंता पूरी तरह से जिम्मेदार है अगर पूरी क्षमता से सभी नहरें चलती तो घाघरा नदी में बाढ से लोग बर्बादी से बच जाते इस बाढ व सूखा के लिए नहर विभाग के जेई, एसडीओ. ठेकेदार व मुख्य अभियंता को जिम्मेदार मानते हुए इनके ऊपर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर के जेल भेजा जाय श्री यादव ने कहा कि बिजली विभाग के लोग बिल के नाम पर आम जनता का इस भीषण गर्मी में तार काट कर उठा ले जा रहे हैं जबकि बिजली हमारी आवश्यक सेवाओं में आती है हमारे टैक्स के पैसे से संचालित होती है जब हरियाणा, पंजाब, दिल्ली जैसे विकसित राज्यों में में बिजली माफ है तो यहां क्यो नहीं इस लिए 300 यूनिट बिजली फ्री करो और तार काटने वाले
लोगों पर एफ आई आर दर्ज हो। प्रतिनिधि मंडल में आशीष पटेल, अतुल कुमार, लालता प्रस्यद शम्भू शास्त्री, नरसिंह, रामलवट यादव आदि लोग मौजूद थे।