*यूपी–* पुलिस ने ओमवीर सिंह और सूर्यदेव को गिरफ्तार किया। ओमवीर को पैर में गोली लगी। दावा किया कि इन्हीं दोनों ने लूट की कोशिश की थी। एनकाउंटर फर्जी बताकर किसान संगठनों ने प्रोटेस्ट किया, महापंचायत की। आखिर पुलिस बैकफुट पर आई।
पुलिस ने लूट और एनकाउंटर दोनों मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट (FR) लगाई। रिपोर्ट में लिखा कि न तो लूट के साक्ष्य मिले और न ही इन दोनों युवकों के खिलाफ कोई सबूत पाया गया। जेल गए दोनों युवक रिहा हुए। इंस्पेक्टर ममता सिंह और इंस्पेक्टर मुकेश कुमार सस्पेंड हुए।
UP पुलिस के इतिहास का ये पहला केस होगा, जब पुलिस ने पहले एनकाउंटर की FIR कराई हो, फिर उसी मुकदमे को बिना सबूत खत्म कर दिया हो।