सेवा समाप्त होने के बाद भी काम करते मिला वरिष्ठ लिपिक, 11 अगस्त को ही बीएसए ने दिया था ये आदेश

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आजमगढ़ जिले में सेवा समाप्त होने के बाद भी फर्जी तरीके से नौकरी हासिल करने वाला अभय श्रीवास्तव काम करते मिला। 11 अगस्त को ही बीएसए ने अभय को सेवा समाप्ति दिया था। आजमगढ़ में मृतक आश्रित में फर्जी तरीके से नौकरी हासिल करने वाले अभय श्रीवास्तव की सेवा समाप्त कर दी गई थी। इस दौरान उनसे ली गई रकम की वसूली और उनके खिलाफ एफआईआर का बीएसए ने एसडीआई को आदेश दिया था। अभय हाईकोर्ट गए लेकिन उन्हें वहां से राहत नहीं मिली। कोर्ट ने सिर्फ वसूली पर राहत प्रदान की। इसके बाद भी एसडीआई की ओर से अब तक एफआईआर दर्ज नहीं कराइ गई है। वहीं बुधवार को अभय श्रीवास्तव पूर्व की भांति अपनी कुर्सी पर बैठकर कार्य करते मिले।बीएसए कार्यालय में मृतक आश्रित के रूप में अभय कुमार श्रीवास्तव ने वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। सामाजिक कार्यकर्ता अरुण कुमार सिंह ने शिकायत की थी कि अभय कुमार श्रीवास्तव अनुकंपा नौकरी के हकदार नहीं हैं। वह फर्जी तरीके से इस नौकरी को हासिल किए हैंउनका आरोप था कि अभय की माता स्व. पुष्पा श्रीवास्तव की मृत्यु पांच नवंबर 2008 को हुई थी। उस समय उनके पिता गिरीश चंद्र श्रीवास्तव लोक निर्माण विभाग में मानचित्रकार के पद पर कार्यरत थे। जो 28 फरवरी 2009 को सेवानिवृत्त हुए। माता की मृत्यु के बाद अभय कुमार श्रीवास्तव ने गलत तरीके से मृतक आश्रित के रूप में अपनी नियुक्ति करा लिया।

विभाग की ओर से जब इसकी जांच कराई गई तो शिकायत सही पाई गई। इस पर बीएसए राजीव पाठक ने उनकी नियुक्ति, नियुक्ति तिथि से शून्य घोषित करते हुए तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्त कर दी।साथ ही वित्त एवं लेखाधिकारी, (बेसिक) शिक्षा एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी, नगर क्षेत्र को निर्देशित किया कि वह अभय कुमार श्रीवास्तव द्वारा आहरित की धनराशि को एफआईआर दर्ज कराते हुए अपने स्तर से रिकवरी करें। इस मामले में अभय कुमार श्रीवास्तव उच्च न्यायालय गए। न्यायालय ने वसूली पर तो रोक लगाई लेकिन सेवा समाप्ति और एफआईआर पर कोई स्थगन आदेश नहीं दिया।
खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र में इस मामले में नगर कोतवाली में तहरीर दी लेकिन मुकदमा अब तक दर्ज नहीं हुआ। वहीं बुधवार को सेवा समाप्त होने के बाद भी अभय कुमार श्रीवास्तव वरिष्ठ लिपिक की कुर्सी पर बैठकर अपना कार्य करते मिले।

क्या बोले अधिकारी
अभय कुमार श्रीवास्तव की सेवा समाप्त हो चुकी है लेकिन जिन कार्यों को देखते थे उसके कुछ अभिलेख उनके पास थे। इसके लिए उन्हें बुलाया गया था और वह कागज हमें उपलब्ध कराकर चले गए। रहीं बात एफआईआर की तो हमने कोतवाली में तहरीर दी थी। वैसे मामला कोर्ट में है जैसा आदेश मिलेगा वैसा होगा। -रविकेश कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, नगर क्षेत्र

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