वाराणसी: यूपी के वाराणसी के दालमंडी इलाके का चौड़ीकरण का काम शुरू हो गया है. एक तरफ मकानों के ध्वस्तीकरण का काम जारी है, तो वहीं दूसरे तरफ प्रशासन कागजों की जांच कर भवन मालिकों को मुआवजा भी दे रही है. इस प्रोजेक्ट के लिए 187 घरों का ध्वस्तीकरण किया जाना है. इन मकान मालिकों को मुआवजे के तौर पर 190 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. बुधवार को दालमंडी चौड़ीकरण के इस प्रोजेक्ट पर प्रशासन का पहला हथौड़ा चला.
वाराणसी के डीएम सतेंद्र कुमार ने बताया कि दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के लिए अब तक करीब 25 भवन मालिकों ने अपने कागजात जमा कराएं है जिसकी जांच के बाद उन भवन मालिकों के मुआवजे की राशि उनके खाते में ट्रांसफर की जाएगी. इस प्रोजेक्ट के लिए पहली रजिस्ट्री 19 अक्टूबर को हुई थी जिसका ध्वस्तीकरण 29 अक्टूबर को किया गया है.
*6 मकानों की हुई रजिस्ट्री*
इस प्रोजेक्ट के लिए अब तक 6 मकानों की रजिस्ट्री प्रशासन ने की है जिनके मुआवजे की राशि को भी उनके खाते में ट्रांसफर किया गया है. इन भवन मालिकों को 15 दिन के अंदर अपने सामानों को शिफ्ट करने का समय भी दिया गया है. माना जा रहा है देव दीपावली के बाद फिर दालमंडी में ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई हो सकती है.
*बुलडोजर एक्शन में फिलहाल समय*
दालमंडी प्रोजेक्ट पर योगी सरकार का बुलडोजर ऐक्शन होने में थोड़ा वक्त लग सकता है, क्योंकि दालमंडी की सड़क फिलहाल काफी सकरी है. इसके अलावा दुकान और घर भी काफी सटे हुए हैं. ऐसे में जब करीब 30 से 40 मकानों की रजिस्ट्री की प्रकिया पूरी हो जाएगी उसके बाद यहां बुलडोजर ऐक्शन भी हो सकता है. जिसके बाद यह प्रोजेक्ट तेजी से रफ्तार भी पकड़ेगी.
*17 मीटर चौड़ा होगा सड़क*
दालमंडी प्रोजेक्ट के तहत 650 मीटर लम्बी इस सड़क को योगी सरकार 17 मीटर तक चौड़ा करेगी. इनमें 187 भवनों को तोड़ा जाएगा. यह मार्ग काशी विश्वनाथ मंदिर आने वाले भक्तों के लिए वैकल्पिक मार्ग होगा जिसे बेहद खूबसूरत बनाया जाएगा. दालमंडी की ये सड़क मॉडल और खूबसूरत सड़क होगी.