गाड़ी पर सत्ताधारी पार्टी के रंग में राज्यसभा सांसद लिखवा लिया। लोगों से खुद को विधायक और भाई को अपना ओएसडी बनाकर लोगाें से मिलवाते और डरा धमका कर वसूली करना शुरू कर दिया। 18 दिनों से आरोपित भाई सदर क्षेत्र में होटल में कमरा लेकर रह रहे थे।
किराया देना तो दूर रसूख झाड़ कर आसपास के रेस्टोरेंट से अपने और परिचितों के लिए खाने का सामान मंगाना शुरू कर दिया। रुपये मांगने पर धमकाने लगे। बातचीत का तरीका ऐसा कि जब शिकायत पर पुलिस जांच को पहुंची तो पीड़ित होटल संचालक को ही सम्मान करने और पूरे महीने रुकने देने का आदेश देकर लौट गई। मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा तो आरोपित भाइयों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
सदर के सौदागर लेन में पवन कुमार का होटल पवन है। पीड़ित ने बताया कि 19 अक्टूबर को उनके होटल में स्कॉर्पियो कार से दो युवक आए। एक शादी का कुर्ता पायजामा और दूसरा पैंट व शर्ट पहने था। पैंट−शर्ट वाले ने दूसरे को विधायक विनोद खटीक और खुद को उनका ओएसडी मनोज खटीक बताया। एक राज्य सभा सांसद को रिश्तेदार भी बताया। उन्होंने कमरा किराए पर दे दिया। आरोपितों ने एडवांस नहीं दिया और किराया मांगने पर भी नहीं दिया। तकादा करने पर राजननीतिक रसूख से फंसाकर होटल बंद कराने की धमकी देने लगते।
दिन भर उनके परिचित होटल में आकर बैठे रहते और उन्होंने आसपास के होटलों और रेस्टोरेंट्स से खाना मंगाकर खाना शुरू कर दिया। कोई खाने के रुपये मांगता तो धमकाने लगते। चार दिन पहले आजिज आकर उन्होंने सौदागर लेन चौकी पर पुलिस से शिकायत कर कमरा खाली कराने और किराया दिलाने की मांग कर तहरीर दी।
पुलिस बात करने पहुंची तो आरोपित ने उन्हें भी डरा दिया। पुलिसकर्मी उल्टा उन्हें किराया मिल जाने का आश्वासन देकर एक दिसंबर तक विधायक के रहने की बोलकर चले गए। एसीपी इमरान अहमद ने बताया कि आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है कि कहीं उनके द्वारा अन्य किसी के साथ भी ठगी तो नहीं की गई है।