अमेठी। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय) संजय चौहान ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार जनपद अमेठी में त्रिस्तरीय पंचायतों की निर्वाचक नामावली के वृहद पुनरीक्षण कार्यक्रम की संशोधित समय-सारिणी घोषित कर दी गई है।
संशोधित कार्यक्रम के तहत 18 जुलाई से 18 अगस्त 2025 तक ग्राम पंचायतों के आंशिक रूप से अन्य ग्राम पंचायत या नगरीय निकाय में समाहित होने की स्थिति में विलोपन, मतदाता सूची प्रिंट, बीएलओ व पर्यवेक्षकों को कार्यक्षेत्र आवंटन, प्रशिक्षण तथा स्टेशनरी वितरण का कार्य किया जाएगा।
इसके बाद 19 अगस्त से 29 सितम्बर 2025 तक बीएलओ घर-घर सर्वेक्षण करेंगे। इस दौरान 1 जनवरी 2025 को 18 वर्ष आयु पूर्ण करने वाले पात्र मतदाताओं के नाम भी सूची में शामिल किए जाएंगे। इसी अवधि में हस्तलिखित पांडुलिपि तैयार करने का कार्य भी होगा।
19 अगस्त से 22 सितम्बर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, जिनकी जांच बीएलओ द्वारा 23 से 29 सितम्बर 2025 तक घर-घर जाकर की जाएगी। इसके उपरांत 30 सितम्बर से 13 अक्टूबर 2025 तक परिवर्धन, संशोधन एवं विलोपन से संबंधित तैयार पांडुलिपियां सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय में जमा होंगी।
निर्वाचक नामावलियों के कम्प्यूटरीकरण का कार्य 14 अक्टूबर से 10 दिसम्बर 2025 तक किया जाएगा। वहीं मतदान केंद्र/स्थल क्रमांकन, वार्ड मैपिंग एवं फोटो प्रतियों से संबंधित कार्य 11 से 22 दिसम्बर 2025 तक संपन्न होंगे। 23 दिसम्बर 2025 को अनंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
अनंतिम सूची का निरीक्षण 24 से 30 दिसम्बर 2025 तक किया जाएगा तथा दावे-आपत्तियाँ (1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूर्ण करने वालों सहित) इसी अवधि में प्राप्त होंगी। इनका निस्तारण 31 दिसम्बर 2025 से 06 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद 07 से 12 जनवरी 2026 तक निस्तारण उपरांत पांडुलिपियां तैयार कर कार्यालयों में जमा होंगी।
पूरक सूचियों के कम्प्यूटरीकरण एवं उन्हें मूल सूची में समाहित करने का कार्य 13 से 29 जनवरी 2026 तक चलेगा, जबकि मतदान केंद्र क्रमांकन, वार्ड मैपिंग एवं फोटो प्रतियों से संबंधित कार्य 30 जनवरी से 05 फरवरी 2026 तक होगा। अंततः 06 फरवरी 2026 को त्रिस्तरीय पंचायतों की अंतिम निर्वाचक नामावलियाँ आम जन के लिए प्रकाशित की जाएंगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुनरीक्षण कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें और सभी कार्यालयों के सूचना पट्टों पर समय-सारिणी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुनरीक्षण अवधि के दौरान सार्वजनिक अवकाशों में भी कार्यालय खुले रहेंगे तथा समय-सीमा में किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं की जाएगी।