आजमगढ़ कपड़ा व्यवसायी से फिरौती वसूलने का मामला

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पुलिस तलाशती रही और बर्खास्त सिपाही समेत तीन ने किया कोर्ट में सरेंडर

लखनऊ। आजमगढ़ से व्यवसायी इश्तियाक का अपहरण कर फिरौती वसूलने के मामले में बर्खास्त सिपाही धीरेंद्र, हिस्ट्रीशीटर दिनेश गुप्ता और शेखर ने जेएम द्वितीय कोर्ट में समर्पण कर दिया।वहीं, पुलिस आरोपितों की खोजबीन के लिए दबिश दे रही थी।

अधिकारियों का दावा है कि दो दिन पहले मामले की विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर महानगर प्रशांत कुमार मिश्रा ने तीनों आरोपितों के घर पर कुर्की की नोटिस चस्पा कराकर डुग्गी पिटवाई थी। इसके अलावा आरोपितों के रिश्तेदारों को भी इसकी जानकारी दी थी।

कुर्की के डर से आरोपितों ने न्यायालय में समर्पण किया है। पूछताछ में पता चला कि तीनों ने कुर्की की नोटिस चस्पा होने के बाद समर्पण करने की योजना बनाई थी। इसके बाद शुक्रवार को पिछले गेट से छुपकर पहुंचे और जेएम द्वितीय के यहां समर्पण कर दिया। तीनों आरोपितों को जेल भेज दिया गया।

ये था मामला

28 नवबंर को व्यवसायी इश्तियाक को अगवाकर निरालानगर के एक होटल में बंधक बनाकर 20 हजार रुपये लूटे गए थे। इसके अलावा सवा लाख रुपये फिरौती वसूली गई थी। इस बीच आरोपित शेखर ने एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर सारा भंडाफोड़ कर दिया गया था।

वीडियो के आधार पर जांच हुई तो दारोगा अनुराग, सिपाही यूसुफ की भी थी। दोनों को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज दिया गया था। इसके अलावा हिस्ट्रीशीटर नाजिम उर्फ नसीम की भी गिरफ्तारी हुई थी। बर्खास्त सिपाही धीरेंद्र, हिस्ट्रीशीटर दिनेश गुप्ता और शेखर सिंह फरार चल रहे थे।

श्रवण हत्याकांड में भी बुर्का पहनकर किया था समर्पण

बहुचर्चित श्रवण साहू हत्याकांड में भी बर्खास्त सिपाही धीरेंद्र यादव आरोपित था। हत्या के बाद वह फरार चल रहा था। उसने अपने साथियों संग बुर्का पहनकर न्यायालय में समर्पण किया था। धीरेंद्र की पुलिस विभाग में अच्छी पैठ होने के कारण पुलिस उसकी गिरफ्तारी नहीं कर पाती है।

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