रिपोर्ट-अशोक कुमार सिंह
उत्तर प्रदेश के जनपद बलिया से है जहा उत्तर प्रदेश सरकार के सख्त आदेश के बाद भी ग्रामीण क्षेत्र की सड़के गड्ढा मुक्त नहीं हो सकी और यह सड़के अपने दशा पर आंसू बहाते नजर आ रही हैं। इन सड़कों पर रात के अंधेरे में चलना अपनी जान को जोखिम में डालने जैसा हो गया है। पूर- एकईल मार्ग से निकलने वाली सड़क जो पकड़ी, मिझोली,उकछी, रतसी, मेहमापुर होते तुर्ती पार कैनाल में लगभग 10 – 12 कि०मी०की दूरी तय कर निकलती है एकदम चलने लायक नहीं रह गई है। उसी तरह इस मुख्य मार्ग से निकलकर ग्राम सभा पहराजपुर को जोड़ने वाली सड़क तो इस कदर खराब हो गई है कि पता ही नहीं चलता है की सड़क गड्ढे में है कि गड्ढे में सड़क है इस पर चलने वाले लोग अक्सर चोटिल हो जाते हैं। इसी प्रकार इस मुख्य सड़क से निकलने वाली रतसड़ माईनर से आगे जो ग्राम रतसड़ को जोड़ती है वह सड़क इतनी खराब है कि लोग अब कहने लगे हैं सड़क नहीं तो वोट नहीं। ऐसी एक दर्जन से भी अधिक सड़के जर्जर हालत में होकर अपनी दशा की तरफ इंगित करते हुए नजर आ रहे हैं। यह सड़के केवल थोथा चना बाजे घना वाली कहावत बनकर रह गई है इस संबंध में लोगों ने उत्तर प्रदेश सरकार का ध्यान इस तरफ आकृष्ट कराया है।