आजमगढ़: ग्रामीणों को कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से गांव में ही एक छत के नीचे 200 से अधिक योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पंचायत भवनों के निर्माण और उनकी साफ-सफाई का आदेश पिछली प्रधानी के दौरान दिया गया था।पवई विकास खंड के अधिकारी अधिकांश पंचायत भवनों का निर्माण पूरा होने का दावा भी कर रहे हैं। लेकिन गांवों में हकीकत अधिकारियों के दावों के विपरीत नजर आ रही है।
ग्रामीणों को ग्राम पंचायत की बैठकें कुटुंब रजिस्टर, जाति व आय प्रमाणपत्र, राशनकार्ड, हैसियत प्रमाणपत्र, विस्फोटक भंडारण एवं विक्रय लाइसेंस, फिल्म शूटिंग अनुरोध, रोजगार पंजीकरण समेत 207 सेवाओं और योजनाओं के लाभ के लिए ब्लाक और जिला का चक्कर लगाने के बचाने के लिए पंचायत भवनों के निर्माण पर जोर दिया गया था। पंचायत भवन में ही कॉमन सर्विस सेंटर का संचालन ई डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जाना है। इसके लिए पंचायत सहायकों की नियुक्ति भी कर दी गई है। आवश्यक उपकरण भी पिछले कार्यकाल में दिया जा चुका है। जनपद में अब तक यह कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। कहीं पंचायत भवनों का निर्माण अधूरा है तो कहीं जर्जर पंचायत भवनों को अभी तक ध्वस्त नहीं किया गया है।
केस एक पवई विकास खंड के आंधीपुर गांव में वर्षों पहले बना पंचायत भवन खंडहर में तब्दील हो गया है। भवन की दीवारें और छत ही बचा है। खिड़की और दरवाजे सब गायब हैं। यह भवन जानवरों का बसेरा बनकर रह गया है। ग्राम पंचायत अधिकारी इंद्रेश यादव ने बताया कि ध्वस्तीकरण में गया है। ध्वस्तीकरण के बाद निर्माण कराया जाएगा।
केस दो – ग्राम पंचायत अंबारी में पिछली प्रधानी से बन रहा है। अभी तक पंचायत भवन में दरवाजे तक नहीं लग सके हैं। बाहर से रंग रोगन कर दिया गया है। अंदर अभी साफ सफाई तक नहीं है। दावा किया जा रहा है कि ग्राम पंचायत की बैठकें पंचायत भवन में हो रही हैं।
केस तीन – ग्राम पंचायत बेलसिया में बन रहा पंचायत भवन अधूरा पड़ा हुआ है। एक किश्त के बाद पंचायत भवन के निर्माण के लिए दूसरी किस्त मिली ही नहीं है। खंड विकास अधिकारी बाबूराम पाल ने बताया कि कुछ कमी के कारण दूसरी किस्त का पैसा वापस चला गया था। प्रक्रिया पूरी की जा रही है। शीघ्र शेष निर्माण पूरा करा लिया जाएगा।
केस चार – ग्राम पंचायत जमालपुर के राजस्व गांव रसूलपुर जोखू में वर्षों पहले बना पंचायत भवन झाड़ियों में छुपा हुआ है। देखने से लगता है कि वर्षों से इस भवन की तरफ किसी का ध्यान ही नहीं गया है। यह पंचायत भवन जंगली जानवरों का बसेरा बना हुआ है। ग्रामीणों की मांग के बाद भी साफ-सफाई और मरम्मत नहीं हो रही है। ग्राम पंचायत अधिकारी विनोद सरोज ने बताया कि अभी जल्दी ही चार्ज मिला है। साफ-सफाई के साथ ही मरम्मत कराई जाएगी।
पवई ब्लाक में 96 ग्राम पंचायतें हैं। इसके सापेक्ष 80 पंचायत भवन कंप्लीट हो चुके हैं। जबकि पांच निर्माणाधीन हैं। अभी 11 पंचायत भवनों की मरम्मत और ध्वस्तीकरण होना बाकी है।
– संजय कुमार श्रीवास्तव, एडीओ पंचायत पवई।