*डॉक्टर ने ड्यूटी पर आने से किया मना, विधायक व डीएम के हस्तक्षेप पर मानीं*
अम्बेडकरनगर
जिला अस्पताल में शनिवार को एक महिला प्रसव पीड़ा के कारण भर्ती होने पहुँची, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने पहले तो भर्ती करने से इनकार कर दिया। परिजनों के दबाव के बाद महिला को किसी तरह भर्ती किया गया। हैरानी की बात यह रही कि अस्पताल में तैनात इमरजेंसी महिला चिकित्सक डॉ. संगीता सिंह ने ड्यूटी पर आने से इनकार कर दिया।
पीड़ित के परिजन ने बताया कि जब उन्होंने डॉक्टर से फोन पर निवेदन किया कि “मैम, मेरी बहू बहुत परेशान है, कृपया आ जाइए”, तो डॉक्टर का जवाब था कि वह बाहर हैं और आ नहीं सकतीं। परिजन ने तत्काल इस बात की जानकारी पूर्व मंत्री व विधायक राम अचल राजभर को दी। विधायक ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से कई बार संपर्क किया, लेकिन फिर भी डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं आईं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विधायक ने अंततः जिला अधिकारी से संपर्क किया। इसके बाद डॉक्टर संगीता सिंह अस्पताल पहुंचीं। परिजन ने जब डॉक्टर को अपना परिचय दिया तो उन्होंने कहा – “आप यादव हो?” जब परिजन ने इनकार किया, तो डॉक्टर अंदर चली गईं और स्टाफ से कहा – “ऑपरेशन की तैयारी करो, मैं अभी आ रही हूं… मैं अपना इस्तीफा हमेशा जेब में रखे रहती हूं।”
परिजनों का कहना है कि जब एक जनप्रतिनिधि के हस्तक्षेप के बाद ही डॉक्टर संगीता सिंह ड्यूटी पर आती हैं, ऐसी पोस्ट व्हाट्सएप पर पीड़ित द्वारा लिख कर डाला जाता है जिस पर हम यह कल्पना कर सकते हैं आम गरीब व मजदूर परिवारों के साथ कैसा व्यवहार होता होगा, यह सोचकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
इस घटना ने एक बार फिर जिला अस्पताल की कार्यशैली और डॉक्टरों की जवाबदेही पर सवाल खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।