आलापुर (अंबेडकर नगर):
आलापुर तहसील क्षेत्र में अवैध खनन का धंधा चरम पर है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्थानीय पुलिस बीट सिपाही के संरक्षण में खनन माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि पुलिस प्रशासन केवल कार्रवाई के दावे तक सीमित होकर रह गया है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन से लेकर तहसील प्रशासन तक की भूमिका संदेह के घेरे में है। अवैध खनन को रोकने में नाकाम साबित हो रहे अधिकारी कार्यालयों में बैठकर चैन की नींद सो रहे हैं, जबकि क्षेत्र की सड़कों पर ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। इससे न सिर्फ सड़कें जर्जर हो रही हैं बल्कि राजस्व को भी भारी नुकसान हो रहा है।
आलापुर तहसील क्षेत्र में उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार की निष्क्रियता से माफियाओं के हौसले और भी बढ़ते जा रहे हैं। सड़कों पर बिखरी गिट्टियां और टूटते रास्ते यह बयां कर रहे हैं कि खनन गतिविधियां किस हद तक बेकाबू हो चुकी हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि *आखिर खनन विभाग कब इस अवैध खनन पर शिकंजा कसेगा?* और क्या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई होगी या यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा?