सुल्तानपुर- कुड़वार क्षेत्र में ज़मीन विवाद अब प्रशासनिक गुमराह करने की साजिश में बदल गया है। केनरा बैंक के पीछे स्थित गाटा संख्या 1665 के दो खातेदार — उर्मिला और रामजी — के बीच सरकारी बंटवारे के बावजूद विवाद थमता नहीं दिख रहा।
सूत्रों के अनुसार, एसडीएम के स्पष्ट आदेशों के अनुसार ज़मीन का वैधानिक बँटवारा दोनों पक्षों के बीच हो चुका है। इसके बाद रामजी ने अपने हिस्से पर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया। वहीं, उर्मिला के पति ने उस भूमि पर, जो रामजी के हिस्से में गई थी, अपनी नीयत दिखानी शुरू कर दी।
मामले को उलझाने के प्रयास में गौरव नाम के एक शख्स को आगे करके दीवानी न्यायालय से स्टे ऑर्डर लिया गया, जिसे जिला जज द्वारा रिवीजन में खारिज कर दिया गया। इसके बाद एक नई चाल चली गई — राम प्रकाश पुत्र उग्रसेन के माध्यम से ‘कैंसिलेशन केस’ दाखिल कर मामला कोर्ट में विचाराधीन कराया गया।
इस पूरे विवाद में जब मामला कमजोर होता दिखा, तब रमाशंकर ने अपनी अधिवक्ता बेटी इला चौरसिया को आगे कर मोहरा बनाने का प्रयास किया। बार का दबाव बनाने के लिए साजिश रची गई, हालांकि सूत्रों की मानें तो वर्तमान में ऐसा कोई वाद न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।