सीयर विकासखंड के ग्राम एकसार पिपरौली में परंपरागत श्रद्धा और उत्साह के साथ तुरैहा समाज द्वारा शनिचरा बाबा की वार्षिक पूजा आज शनिवार को संपन्न की गई। शनिचरा बाबा, जिन्हें शनि देव का ग्रामीण-रूप माना जाता है, मेहनतकश और श्रमिक वर्ग के रक्षक देवता के रूप में पूजे जाते हैं। तुरैहा समाज की मान्यता है कि जब शनि ग्रह का प्रकोप शनिचरा बाबा पर पड़ा, तब उन्होंने गरीब, मजदूर और वंचित वर्ग का साथ दिया। तभी से समाज ने उन्हें अपना इष्टदेव मानकर पूजा की परंपरा शुरू की। यह पूजा न्याय, संघर्ष और श्रम की प्रतिष्ठा का प्रतीक मानी जाती है। पूजा स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया और समाज में एकता, श्रम की गरिमा और संघर्ष की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक था, बल्कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं से जोड़ने का भी माध्यम बना। विशेष अतिथि के रूप में ग्राम प्रधान सज्जन पासवान, पतिराम यादव, रामशरण, तथा प्रभु यादव उपस्थित रहे। पूजा-अर्चना का विधि-विधान पुजारी गोरख प्रसाद द्वारा संपन्न कराया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता देवब्रत कुमार तुरैहा ने की, जबकि कोषाध्यक्ष रिशु कुमार, संचालक अशोक कुमार और महामंत्री भोला प्रसाद रहे। आयोजन में समाज के कई कार्यकर्ताओं और सहयोगियों ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिनमें दिनेश प्रसाद, कृष्ण कुमार भोलू तुरैहा, अमित कुमार, करन, जयकुमार, कुमार, राजकुमार आदि शामिल रहे।