आजमगढ़ शहर में ई रिक्शा चलाने के मामले में लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई को लेकर ई रिक्शा जनकल्याण समिति ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और इस दौरान अपनी मांगों के समर्थन पर नारे भी लगाए। अपनी मांगों का ज्ञापन भी जिलाधिकारी को सौंपा।
ई रिक्शा जनकल्याण समिति के उपाध्यक्ष आफताब आलम ने बताया कि पुलिस का कहना है कि शहर में ई-रिक्शा की संख्या बहुत ज्यादा हो गई है। इसके चलते आए दिन जाम लगता है। जिसको लेकर नो एंट्री और वन वे जोन भी बनाया गया है। इसके अलावा यह आरोप लगाया जाता है कि ई रिक्शा नाबालिग द्वारा चलाया जाता है।बिना लाइसेंस के भी चलाए जाते हैं। इससे कई बार हादसा हो जाता है। लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। मामले में आफताब आलम ने कहा कि यह सही बात है कि ई-रिक्शा नाबालिग चलाते पकड़े गए हैं लेकिन यह संख्या बहुत कम है। ई रिक्शा को लेकर कहा कि इससे प्रदूषण भी नहीं होता है। इसकी चौड़ाई भी 1 मीटर से कम है। शहर के अंदर आए दिन जो जाम लगता है इसका मुख्य कारण चार पहिया वाहन और स्कूल बस हैं। पुलिस प्रशासन की तरफ से नो एंट्री और वन वे का नियम बनाया गया। जिसमें ई-रिक्शा को नहीं जाने दिया जाता लेकिन चार पहिया वाहनों पर कोई रोक नहीं है। इसलिए समिति मांग करती है कि चार पहिया वाहनों को बाईपास पर ही रोक दिया जाए। ई रिक्शा के लिए शहर में कहीं भी आने जाने की छूट हो।
अमित खरवार की रिपोर्ट