वाराणसी। अनादिकालेश्वर बाबा लाट भैरव का वैवाहिक कार्यक्रम रविवार को विधिवत रीति-रिवाजों के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का समापन परंपरागत पोफेरी के आयोजन से किया गया। इसमें सैकड़ों भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बाबा ने दिव्य स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिया।
मंदिर प्रांगण में वर-वधु के रूप में विराजमान बाबा लाट भैरव और माता भैरवी के विग्रह का विशेष श्रृंगार किया गया। पुष्पहार और आभूषणों से अलंकृत बाबा का भव्य रूप भक्तों को आकर्षित कर रहा था। भक्तों ने सामूहिक स्तुतिगान के साथ भैरवाष्टकं का पाठ किया और राग-भोग समर्पित कर बाबा की आरती उतारी। इस अवसर पर धार्मिक वातावरण भक्तिमय बना रहा।
वैवाहिक अनुष्ठानों के बाद सभी भक्तजन पौराणिक कपाल मोचन कुंड के गऊघाट पर एकत्र हुए और सामूहिक सहभोज में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के साथ ही आश्विन माह की कालाष्टमी पर होने वाला पाक्षिक अष्टमी पूजन भी संपन्न हुआ।
श्री कपाल भैरव अथवा लाट भैरव प्रबंधक समिति के अध्यक्ष रोहित जायसवाल ने इस वैवाहिक महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी भक्तों, जिला प्रशासन, नगर निगम, मीडिया और अन्य विभागों का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक परंपरा का निर्वाह ही नहीं, बल्कि समाज में एकता और आस्था का संदेश भी देता है।
रोहित जायसवाल (पार्षद), उपाध्यक्ष बसंत सिंह राठौर, छोटेलाल जायसवाल, मंत्री मुन्ना लाल यादव, नंदलाल प्रजापति, विक्रम सिंह राठौर, कोषाध्यक्ष छोटन केशरी, बच्चे लाल बिंद, नितेश पांडेय, हिमांशु अग्रहरि, रवि कुशवाहा, आशीष कुशवाहा, निक्की जायसवाल, अंकित जायसवाल, कृष्णा, नवीन, विनोद, अर्चना, आलोक, कार्तिक सहित बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।