*राजेसुल्तानपुर*
*बीते शनिवार को दो पत्रकारों के द्वारा इटौरा में हो रहे कोटे के चयन को कवरेज करने के लिए गए थे। जहां पर कुछ अज्ञात लोगों के द्वारा उन दोनों लोगों को बेरहमी से पीटा गया। आलम यह हुआ कि दूसरे निषाद समुदाय के द्वारा उन लोगों को किसी तरह से उठाकर राजेसुल्तानपुर थाने लाया गया। जहां पर नाम जानने के बाद पता चला कि उन दोनों लोगों में से एक व्यक्ति अनुसूचित जाति से है अब यहीं से दूसरा भाग शुरू होता है। जहां पर राजेसुल्तानपुर थाना अध्यक्ष के द्वारा कहा जाता है कि हम एससी एसटी नहीं दर्ज करेंगे।
वैसे मुकदमा दर्ज करने में कोई भी हर्ज नहीं था। प्रथम सूचना के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया जा सकता था। वैसे थाना अध्यक्ष है कुछ भी कर सकते हैं।
वैसे राजेसुल्तानपुर थाना अध्यक्ष बहुत ही बुद्धिमान किस्म के व्यक्ति हैं। जिनका आम जनमानस में बेहद ही सूझबूझ के द्वारा निर्णय लिया जाता है ऐसा चर्चा में बना रहता है। वैसे इसी थाने में पत्रकारों के ऊपर फर्जी मुकदमा भी करने का सिलसिला जारी है क्योंकि जमीनी हकीकत देखने की बजाय सोशल मीडिया की निगरानी ज्यादा किया जाता है। अब देखना यह है कि पीटे गए पत्रकार को कितने दिन में थाना अध्यक्ष के द्वारा निर्णय लिया जाता है।
*निगाहें बनी हुई है।*