लगता है ‘काउ मिल्क पलांट’ बेचने के लिए भाजपा सरकार की किसी ख़रीदार से सेटिंग नही हो पा रही है। इसीलिए ये तालाबंदी का शिकार है।

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2027 में पीडीए सरकार आने पर हम इस दूध के किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए, इस प्लांट को चलाकर व इसी तरह के काउ मिल्क प्लांट पूरे प्रदेश में खोलकर दूध के अलावा अच्छी सेहत, शारीरिक शक्ति व याददाश्त बढ़ाने के लिए काउ मिल्क के परंपरागत उत्पाद दही, छाछ, मट्ठा, लस्सी, घी व मक्खन के साथ-साथ लो फैट मिल्क, स्किम्ड मिल्क, लैक्टोस फ़्री मिल्क, साल्ट फ्री व्हाइट बटर, न्यूट्रिशियस मिल्क सॉलिड्स खोया-मावा, काउ मिल्क स्वीट्स-डेसर्ट; काउ मिल्क चॉकलेट, प्रोटीन वेफर बार, योगर्ट, फ्लेवर्ड योगर्ट, ग्रीक योगर्ट, स्काई योगर्ट, स्मूदी, पनीर; चेडर चीज़, मोज्जेरेला चीज़, फेटा-स्टाइल काउ मिल्क चीज़, लैक्टोस फ़्री चीज़, प्रोबायोटिक चीज़, सेट पास्चराइज्ड चीज; स्कीअर चीज़, हेवी क्रीम, व्हिपिंग क्रीम, आइस क्रीम, व्हे प्रोटीन पाउडर, केसीन प्रोटीन पाउडर, मिल्क पाउडर, कंडेन्स्ड मिल्क, एवापोरेटेड मिल्क, इंफेंट फार्मूला भी बनाएंगे। इसके अतिरिक्त कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स, मॉइश्चराइजर, स्किन क्रीम व तरह-तरह के काउ मिल्क फ़ार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट्स और भविष्य में एआई रिसर्च पर आधारित नये काउ मिल्क डेयरी व अन्य प्रोडक्ट्स भी बनाएंगे। इनसे पशु पालक समाज की आय बढ़ेगी और स्वस्थ समाज का निर्माण भी होगा।

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