वाराणसी। शुक्रवार की सुबह शहर के विभिन्न प्रमुख स्थलों पर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और पुलिस कमिश्नरेट के तत्वावधान में बड़े पैमाने पर मॉक एक्सरसाइज की गई। “ऑपरेशन गांडीव” नाम से चलाए गए इस अभ्यास में रोडवेज बस स्टैंड, कैंट स्टेशन, बनारस स्टेशन और धार्मिक स्थलों पर प्रतीकात्मक सिलसिलेवार आतंकी हमलों को नाकाम करने की रणनीति परखी गई। इस अभ्यास का उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का परीक्षण करना था।
रोडवेज बस स्टैंड पर धमाकों की गूंज
सुबह आठ बजे जैसे ही रोडवेज बस स्टैंड पर प्रतीकात्मक रूप से तीन धमाकों की आवाज गूंजी, पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। रोडवेज कर्मियों ने तत्काल इसकी सूचना चौकी प्रभारी उप निरीक्षक पुष्कर दुबे को दी। दुबे ने तुरंत वायरलेस पर पुलिस कंट्रोल को अलर्ट किया और बस स्टैंड के प्रवेश द्वार पर बैरियर लगाकर आवाजाही रोक दी। एसीपी चेतगंज डॉ. ईशान सोनी के नेतृत्व में परिसर खाली कराया गया। इसके बाद एनएसजी, एटीएस और बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) ने तलाशी अभियान चलाकर स्थिति संभाली।
कैंट स्टेशन पर दो आतंकी ढेर, एक फरार
इसी बीच कैंट स्टेशन पर भी दो धमाकों की सूचना मिली। यहां नाट्य रूपांतरण के दौरान तीन आतंकियों ने यात्रियों को निशाना बनाने की कोशिश की। न्यू बिल्डिंग में उनकी मौजूदगी का पता चलते ही एनएसजी कमांडो ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो आतंकियों को मार गिराया। हालांकि, तीसरा आतंकी सर्कुलेटिंग एरिया में विस्फोटक फेंककर भाग निकला। उसे पकड़ने के लिए एटीएस की टीम ने व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया। वहीं यात्री हाल से एनएसजी ने एक संदिग्ध वस्तु भी अपने कब्जे में लिया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, एडिशनल सीपी शिवहरि मीणा और अन्य आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
रेलवे परिचालन पर असर
मॉक एक्सरसाइज का असर रेलवे परिचालन पर भी पड़ा। सुरक्षा कारणों से सुबह आठ बजे से दस बजे तक कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया। इस दौरान स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस और विभूति एक्सप्रेस सहित तीन ट्रेनों को वैकल्पिक प्लेटफार्मों पर संचालित किया गया। यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आरपीएफ, जीआरपी और रेलकर्मियों ने सुरक्षा कॉरिडोर बनाया। मुख्य भवन में लगी स्वचालित सीढ़ी भी सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दी गई।
जनता में उत्सुकता और सतर्कता
सुबह से ही पुलिस और प्रशासनिक गाड़ियों के सायरन शहर की गलियों में गूंजते रहे, जिससे लोगों में हलचल और उत्सुकता बढ़ी। हालांकि यह मॉक ड्रिल थी, लेकिन घटनाक्रम ने सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और समन्वय का स्पष्ट प्रदर्शन किया।